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इंसान जैसा रोबोट! छूने पर गर्म, देखने पर जिंदा, शंघाई में ‘MOYA’ ने मचाया हंगामा

‘MOYA’ Created a stir in Shanghai: चीन के शंघाई में दिखाया गया नया रोबोट Moya (मोया) इन दिनों खूब चर्चा में है। यह सिर्फ चलने-फिरने वाली मशीन नहीं है, बल्कि देखने और व्यवहार करने में लगभग इंसान जैसा लगता है।

पहली नजर में यह Robot कम और असली इंसान ज्यादा दिखता है। इसकी आंखों का हिलना, सिर घुमाना और हल्की मुस्कान लोगों को हैरान कर रही है।

छूने पर भी मिलता है इंसानी एहसास

मोया को इस तरह बनाया गया है कि सामने खड़ा व्यक्ति इसे मशीन न समझे। इसकी स्किन हल्की गर्म रखी गई है, ताकि छूने पर इंसानी जैसा एहसास हो।

जब कोई इससे बात करता है, तो यह आंखों से संपर्क बनाता है और सामने वाले की तरफ ध्यान से देखता है। यही वजह है कि लोग इसे देखकर दंग रह जा रहे हैं।

कैमरे और AI से चलता है पूरा सिस्टम

इस रोबोट के अंदर High-Tech Cameras और सेंसर लगे हैं, जो सामने वाले के चेहरे और हरकतों को पहचानते हैं। AI सिस्टम उस जानकारी को Process करता है और उसी हिसाब से रोबोट के चेहरे और शरीर की हलचल तय करता है।

बाहर से यह सब बहुत नेचुरल लगता है, लेकिन असल में यह पहले से सेट किए गए Pattern पर काम करता है -यह खुद कुछ महसूस नहीं करता।

अस्पताल और बुजुर्ग देखभाल में उपयोगी हो सकता है

कई Experts मानते हैं कि ऐसे रोबोट अस्पतालों, बुजुर्गों की देखभाल और कस्टमर सर्विस में काम आ सकते हैं। अगर मशीन इंसान जैसी लगे और बात करे, तो लोगों को ज्यादा सहज महसूस होगा।

लोग इमोशनल जुड़ाव बनाने लगे, यहीं बड़ा सवाल?

Social Media पर कुछ लोग इसे “कम्पैनियन रोबोट” की तरह देखने लगे हैं। जब रोबोट की स्किन गर्म हो और वह इंसान की तरह देखे और React करे, तो लोगों को अपनापन महसूस हो सकता है।

यहीं से बड़ा सवाल खड़ा होता है – क्या हम मशीनों से भावनात्मक रिश्ता बनाने की तरफ बढ़ रहे हैं?

अभी पूरी तरह इंसान जैसा दिमाग नहीं

तकनीकी तौर पर मोया अभी इंसानी सोच के करीब नहीं है। यह चेहरे के भाव और आवाज के Tone को पहचान सकता है, लेकिन गहरी भावनाएं समझना इसके लिए मुश्किल है। इसलिए यह फिलहाल सीमित कामों में ही ठीक से काम कर पाएगा।

घर-घर में दिखेगा या नहीं?

अभी ऐसे Robot बहुत महंगे हैं। इन्हें बनाने के लिए खास Hardware, sensors, and advanced AI systems चाहिए।

शुरुआत में ये रिसर्च सेंटर, अस्पताल या बड़े संस्थानों में ही दिखेंगे। बाद में टेक सस्ती होगी, तब आम लोगों तक पहुंच सकती है।

बड़े बदलाव पर बड़े सवाल?

मोया जैसे रोबोट दिखाते हैं कि मशीनें अब सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहीं। वे धीरे-धीरे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में आ रही हैं।

यह Technology फायदेमंद भी है, लेकिन डर भी है कि कहीं इंसानी रिश्तों की जगह मशीनें न ले लें। इस पर बहस अभी शुरू हुई है।

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