Jamtara : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डीसी रवि आनंद के निर्देश पर सिटी अस्पताल को सील कर दिया गया है, जबकि मंगलम नेत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। बुधवार को डीसी के नेतृत्व में एक टीम ने सिटी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। टीम में एसडीओ अनंत कुमार, सिविल सर्जन ए.पी.एन. देव समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान ऑपरेशन थियेटर, सीसीटीवी फुटेज, मरीजों के रजिस्टर और मेडिकल दुकान की गहन जांच की गई।
निरीक्षण में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और मरीजों की जांच एक ऑप्टोमेट्रिस्ट द्वारा की जा रही थी। रजिस्टर में दर्ज मरीजों के मोबाइल नंबरों की जांच करने पर कई नंबर बंद मिले या दूसरे राज्यों के पाए गए, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ गई। मौके पर ही डीसी ने सभी मरीजों को डिस्चार्ज करने का निर्देश दिया और अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया। साथ ही जरूरी दस्तावेज जब्त कर संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसके बाद प्रशासनिक टीम मंगलम नेत्रालय पहुंची, जहां आयुष्मान योजना के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जाने का दावा किया जा रहा था। यहां भी रजिस्टर में दर्ज मरीजों के नंबर सत्यापन में सही नहीं पाए गए, जिससे बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। डीसी ने बताया कि अस्पताल ने एक महीने में 600 से अधिक ऑपरेशन करने का दावा किया था, जो जांच में संदिग्ध पाया गया। साथ ही अस्पताल में फार्मेसी का लाइसेंस नहीं था और बिना फार्मासिस्ट के दवाइयां दी जा रही थीं।
प्रशासन ने सिटी अस्पताल को सील करने, संबंधित कर्मियों के प्रमाणपत्र रद्द करने और मंगलम नेत्रालय के कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और फर्जीवाड़े के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

