Jamshedpur : जमशेदपुर के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले दो बेहद खतरनाक बमों को सेना ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया है। करीब 227-227 किलो वजनी ये बम दशकों पुराने होने के बावजूद सक्रिय थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। मिली जानकारी के अनुसार भारतीय सेना की बम निरोधक टीम ने बुधवार से इन बमों को डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू की थी। सुरक्षा को देखते हुए आसपास के घरों को खाली करा लिया गया था और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। ग्रामीणों को घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई थी।
सेना ने इन बमों को नियंत्रित विस्फोट (कंट्रोल्ड ब्लास्ट) के जरिए निष्क्रिय किया। इस दौरान हुए तेज धमाकों से आसपास के गांवों में लोगों को झटका महसूस हुआ। ग्रामीणों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि कुछ पल के लिए जमीन हिलती हुई महसूस हुई। बताया गया कि ये बम पानीपड़ा-नागसुड़ाई इलाके में बालू खनन के दौरान मिले थे। मजदूर खुदाई कर रहे थे, तभी जमीन के अंदर से सिलेंडरनुमा बम मिला, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई।
जांच में पता चला कि इन बमों पर ‘AN-M64’ और ‘Made in USA’ लिखा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, इनका इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया जाता था। आशंका है कि ये बम किसी पुराने सैन्य विमान से गिरकर यहां रेत में दब गए थे। सेना ने बमों को निष्क्रिय करने के लिए विशेष तैयारी की थी। नदी किनारे करीब 100 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया, जिसमें बम रखकर नियंत्रित विस्फोट किया गया। सुरक्षा के लिए करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र खाली कराया गया और गड्ढे को सैकड़ों मिट्टी की बोरियों से ढक दिया गया था।

