Birsa Munda’s Life and Sacrifice inspire Generations: भारत के उपराष्ट्रपति C.P. Radhakrishnan शनिवार को झारखंड दौरे पर रांची पहुंचे। हवाई अड्डे पर राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार ने उनका स्वागत किया।

दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति खूंटी जिले के उलिहातु पहुंचे, जो आदिवासी नायक बिरसा मुंडा का जन्मस्थान है। वहां उन्होंने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके वंशजों से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन और बलिदान आज भी लोगों को प्रेरित करता है।

राधाकृष्णन ने अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने झारखंड के Governor के रूप में शपथ ली थी, उसी दिन वे उलिहातु गए थे और वह अनुभव आज भी उनके लिए खास है। वे वर्ष 2023 से 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं।

उन्होंने PM Narendra Modi के उस फैसले की सराहना की, जिसमें 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि इससे देश में जनजातीय विरासत के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ी है।

इसके अलावा, उपराष्ट्रपति ने रांची स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) के 15वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सात मेधावी छात्रों को पदक दिए और कुल 558 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। साथ ही ‘स्टूडेंट सिटिजनशिप अवॉर्ड’ और ‘प्रोफेसर आशीष हजेला अवॉर्ड’ भी दिए गए।
दौरे के दौरान राज्यपाल संतोष गंगवार ने लोक भवन में उपराष्ट्रपति से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किया। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और उपराष्ट्रपति के सचिव अमित खरे को भी सम्मानित किया गया।

