Jharkhand’s Criminal Justice System to be Strengthened: झारखंड सरकार ने राज्य की आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है।
सरकार ने इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 को लागू करने के लिए 4.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि को मंजूरी दी है।
यह राशि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत की गई है। इस फैसले से राज्य में कानून-व्यवस्था से जुड़े कामों में तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
आधुनिक तकनीक से होगा सिस्टम का विकास
स्वीकृत की गई यह राशि मुख्य रूप से परियोजना के लिए जरूरी Hardware उपकरणों की खरीद में खर्च की जाएगी।
इन उपकरणों की मदद से पुलिस, न्यायालय और अन्य संबंधित विभाग आधुनिक तकनीक से जुड़ सकेंगे। सरकार का मानना है कि तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग से कामकाज अधिक आसान और प्रभावी हो सकेगा।
पांच प्रमुख स्तंभों के बीच बनेगा मजबूत तालमेल
इस पहल का मुख्य उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े पांच अहम स्तंभों—पुलिस, फॉरेंसिक लैब, न्यायालय, लोक अभियोजक और जेल—के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
अभी इन विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में कई बार दिक्कतें आती हैं, जिन्हें इस नई व्यवस्था के जरिए दूर किया जाएगा।
सुरक्षित डेटा साझा करने की मिलेगी सुविधा
ICJS 2.0 के लागू होने से सभी संबंधित एजेंसियां एक सुरक्षित Digital Platform के माध्यम से जरूरी आंकड़ों को आपस में साझा कर सकेंगी।
इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि गलतियों की संभावना भी कम होगी। साथ ही राज्य और देश के संसाधनों का सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
न्याय प्रक्रिया होगी तेज और प्रभावी
सरकार का लक्ष्य है कि इस नई व्यवस्था के जरिए जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को तेज किया जाए।
इससे आम लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा और आपराधिक मामलों के निपटारे में भी सुधार होगा। यह कदम झारखंड को एक आधुनिक और तकनीक-सक्षम राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

