Ranchi : राजधानी रांची के करमटोली स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर में सरहुल पूजा महोत्सव-2026 बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर CM हेमंत सोरेन अपनी विधायक पत्नी कल्पना सोरन के साथ कार्यक्रम में पहुंचे और पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की।
पारंपरिक तरीके से पूजा, राज्य की खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री ने सरहुल के अवसर पर विधि-विधान के साथ पूजा कर राज्यवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे माहौल में उत्साह देखने को मिला।

“प्रकृति से ही जीवन की शुरुआत और अंत”
अपने संबोधन में CM ने कहा कि सरहुल आदिवासी समाज का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से ही हर चीज का जन्म होता है और अंत भी उसी में होता है। इसलिए प्रकृति से जुड़कर रहना बहुत जरूरी है।
“परंपराओं को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी”
हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो परंपराएं हमें दी हैं, उन्हें आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। जैसे हमें यह विरासत मिली है, वैसे ही हमें आने वाली पीढ़ी को भी इसे सौंपना है।

मांदर की थाप पर झूमे CM, बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मांदर बजाकर लोगों का उत्साह और बढ़ा दिया। इस दौरान लोग पारंपरिक अंदाज में झूमते नजर आए और सरहुल का जश्न पूरे जोश के साथ मनाया गया।
“प्रकृति है तो जीवन है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर प्रकृति नहीं होती तो मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रकृति की रक्षा करें, क्योंकि इसी से हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।
नेताओं ने दी शुभकामनाएं
इस मौके पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी राज्यवासियों को सरहुल पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं।


