Election Commission’s preparations regarding SIR: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। संभावना है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते में भारत निर्वाचन आयोग इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा है।
मार्च अंत तक पूरा करना होगा काम
राज्य के सभी जिलों और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को निर्देश दिया गया है कि मार्च के अंत तक जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर लें। खास तौर पर उन मतदाताओं पर फोकस किया जा रहा है, जिनका सत्यापन अभी बाकी है।
2003 वोटर लिस्ट से जुड़े लोगों का होगा खास वेरिफिकेशन
बीएलओ को साफ कहा गया है कि जो मतदाता 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर अब तक अपना सत्यापन नहीं करा पाए हैं, उनकी पहचान कर घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया जाए। राज्य में कुल 2.66 करोड़ मतदाताओं में से अब तक करीब 1.95 करोड़ का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि बाकी मतदाताओं का सत्यापन अभी होना बाकी है।
अभी आसान, बाद में बढ़ सकती है परेशानी
अधिकारियों का कहना है कि अभी सत्यापन प्रक्रिया आसान है, लेकिन SIR शुरू होने के बाद मतदाताओं को सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। ऐसे में बाद में यह प्रक्रिया ज्यादा समय लेने वाली हो सकती है।
दस्तावेज नहीं तो नाम कट भी सकता है
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि अगर कोई मतदाता जरूरी दस्तावेज नहीं दे पाता है, तो उसका नाम मतदाता सूची में बनाए रखने या हटाने का फैसला लिया जा सकता है। इसलिए सभी मतदाताओं से समय रहते अपना सत्यापन पूरा कराने की अपील की जा रही है।

