Middle East War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को लेकर सख्त रुख दिखाया है। ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “हमारे जैसा कोई भी व्यक्ति तुम्हारे जैसे किसी व्यक्ति के साथ कभी समझौता नहीं करेगा।”
बातचीत के दावों पर सवाल
ईरानी सेना के इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका के दावे के मुताबिक दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर कोई बातचीत वास्तव में चल भी रही है या नहीं। ज़ुल्फिकारी ने कहा कि “क्या आपके अंदरूनी हालात इतने खराब हो गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?”
‘रणनीतिक ताकत अब विफलता में बदली’
ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस रणनीतिक शक्ति का दावा किया जाता था, वह अब रणनीतिक विफलता में बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी हार को समझौते का नाम देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दुनिया अब ऐसे दावों से गुमराह नहीं होगी।
साफ संदेश: ‘ना अभी, ना कभी’
ज़ुल्फिकारी ने दो टूक कहा कि ईरान का रुख पहले दिन से स्पष्ट है और आगे भी रहेगा—“ना अभी, ना कभी” समझौता होगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता केवल ईरान की मजबूत सैन्य ताकत से ही संभव है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
इस बीच Pakistan इस तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान की ओर से ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत फिर से शुरू कराने की पेशकश की गई है।
अमेरिका की सैन्य तैयारी तेज
तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है। पेंटागन ने 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1,000 सैनिकों को भेजने का ऐलान किया है। इसके अलावा दो मरीन यूनिट्स की तैनाती की भी तैयारी चल रही है, जिससे क्षेत्र में हजारों सैनिकों की संख्या बढ़ जाएगी।
जंग का असर जारी
वहीं, हवाई हमलों और मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। अमेरिकी और इजरायली हमलों से ईरान को नुकसान पहुंचा है, जबकि ईरान की ओर से भी ड्रोन और मिसाइलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की जा रही है। मौजूदा हालात में यह साफ है कि तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है।

