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इंसान जैसा रोबोट! छूने पर गर्म, देखने पर जिंदा, शंघाई में ‘MOYA’ ने मचाया हंगामा

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‘MOYA’ Created a stir in Shanghai: चीन के शंघाई में दिखाया गया नया रोबोट Moya (मोया) इन दिनों खूब चर्चा में है। यह सिर्फ चलने-फिरने वाली मशीन नहीं है, बल्कि देखने और व्यवहार करने में लगभग इंसान जैसा लगता है।

पहली नजर में यह Robot कम और असली इंसान ज्यादा दिखता है। इसकी आंखों का हिलना, सिर घुमाना और हल्की मुस्कान लोगों को हैरान कर रही है।

छूने पर भी मिलता है इंसानी एहसास

मोया को इस तरह बनाया गया है कि सामने खड़ा व्यक्ति इसे मशीन न समझे। इसकी स्किन हल्की गर्म रखी गई है, ताकि छूने पर इंसानी जैसा एहसास हो।

जब कोई इससे बात करता है, तो यह आंखों से संपर्क बनाता है और सामने वाले की तरफ ध्यान से देखता है। यही वजह है कि लोग इसे देखकर दंग रह जा रहे हैं।

कैमरे और AI से चलता है पूरा सिस्टम

इस रोबोट के अंदर High-Tech Cameras और सेंसर लगे हैं, जो सामने वाले के चेहरे और हरकतों को पहचानते हैं। AI सिस्टम उस जानकारी को Process करता है और उसी हिसाब से रोबोट के चेहरे और शरीर की हलचल तय करता है।

बाहर से यह सब बहुत नेचुरल लगता है, लेकिन असल में यह पहले से सेट किए गए Pattern पर काम करता है -यह खुद कुछ महसूस नहीं करता।

अस्पताल और बुजुर्ग देखभाल में उपयोगी हो सकता है

कई Experts मानते हैं कि ऐसे रोबोट अस्पतालों, बुजुर्गों की देखभाल और कस्टमर सर्विस में काम आ सकते हैं। अगर मशीन इंसान जैसी लगे और बात करे, तो लोगों को ज्यादा सहज महसूस होगा।

लोग इमोशनल जुड़ाव बनाने लगे, यहीं बड़ा सवाल?

Social Media पर कुछ लोग इसे “कम्पैनियन रोबोट” की तरह देखने लगे हैं। जब रोबोट की स्किन गर्म हो और वह इंसान की तरह देखे और React करे, तो लोगों को अपनापन महसूस हो सकता है।

यहीं से बड़ा सवाल खड़ा होता है – क्या हम मशीनों से भावनात्मक रिश्ता बनाने की तरफ बढ़ रहे हैं?

अभी पूरी तरह इंसान जैसा दिमाग नहीं

तकनीकी तौर पर मोया अभी इंसानी सोच के करीब नहीं है। यह चेहरे के भाव और आवाज के Tone को पहचान सकता है, लेकिन गहरी भावनाएं समझना इसके लिए मुश्किल है। इसलिए यह फिलहाल सीमित कामों में ही ठीक से काम कर पाएगा।

घर-घर में दिखेगा या नहीं?

अभी ऐसे Robot बहुत महंगे हैं। इन्हें बनाने के लिए खास Hardware, sensors, and advanced AI systems चाहिए।

शुरुआत में ये रिसर्च सेंटर, अस्पताल या बड़े संस्थानों में ही दिखेंगे। बाद में टेक सस्ती होगी, तब आम लोगों तक पहुंच सकती है।

बड़े बदलाव पर बड़े सवाल?

मोया जैसे रोबोट दिखाते हैं कि मशीनें अब सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहीं। वे धीरे-धीरे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में आ रही हैं।

यह Technology फायदेमंद भी है, लेकिन डर भी है कि कहीं इंसानी रिश्तों की जगह मशीनें न ले लें। इस पर बहस अभी शुरू हुई है।

Epstein की डिनर पार्टी की तस्वीर से हड़कंप, मस्क और जकरबर्ग एक ही टेबल पर

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Epstein Dinner Party Photo Sparks Uproar : जेफरी Epstein मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब एक पुरानी लेकिन बेहद सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है, जिसने दुनियाभर में हलचल मचा दी है।

इस फोटो में दुनिया के दो बड़े टेक अरबपति Elon Musk और मार्क जकरबर्ग जेफरी Epstein की आलीशान Dinner Party में एक ही टेबल पर बैठे नजर आ रहे हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह तस्वीर 2015 की बताई जा रही है, जब Epstein पहले ही यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था।

यानी उस समय मस्क और जकरबर्ग को यह पता था कि एपस्टीन किस तरह के आरोपों का सामना कर रहा है, फिर भी वे उसकी पार्टी में शामिल हुए।

फोटो में क्या दिख रहा है?

सामने आई तस्वीर में Elon Musk Cameras की ओर देखते हुए दिख रहे हैं, जबकि मार्क जकरबर्ग कुछ गंभीर मुद्रा में बैठे नजर आते हैं।

बताया जा रहा है कि यह तस्वीर खुद एपस्टीन ने खींची थी और 3 अगस्त 2015 को अपने ही ईमेल पर भेजी थी।

Epstein ने बाद में दावा किया था कि इस पार्टी में LinkedIn के Co-founder Reid Hoffman और PayPal के को-फाउंडर पीटर थिएल भी मौजूद थे। एक अन्य ईमेल में इस पार्टी को “वाइल्ड” यानी बेहद रंगीन और विवादित बताया गया था।

मस्क के पुराने दावे पर सवाल

यह तस्वीर सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि Elon Musk पहले कह चुके थे कि वे कभी भी एपस्टीन की पार्टियों में शामिल नहीं हुए। 31 जनवरी को किए गए एक ट्वीट में मस्क ने यहां तक कहा था कि एपस्टीन से जुड़े अपराधियों पर मुकदमा चलना चाहिए।

अब यह तस्वीर उनके दावे पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, क्योंकि इसमें वे साफ तौर पर एपस्टीन की पार्टी में बैठे नजर आ रहे हैं।

एपस्टीन फाइल्स में और भी बड़े नाम

एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में सिर्फ मस्क और जकरबर्ग ही नहीं, बल्कि कई और बड़े चेहरों के नाम भी सामने आए हैं। Microsoft के Co-founder Bill Gates का नाम भी एपस्टीन फाइल्स में आया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे भी एपस्टीन की पार्टियों में शामिल हुए थे और रूसी लड़कियों से मुलाकात की थी।

कुछ दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि एपस्टीन ने गेट्स के लिए दवाओं का इंतजाम किया था, ताकि संबंध बनाने के बाद उन्हें किसी बीमारी का सामना न करना पड़े।

गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन का नाम भी इन फाइल्स में सामने आया है।

कहा गया है कि उन्होंने एपस्टीन के निजी द्वीप का दौरा किया था और वहां घिसलेन मैक्सवेल से मुलाकात की थी। 2003 के एक ईमेल में मैक्सवेल ने उस डिनर को “सामान्य और आरामदायक” बताया था।

मामला क्यों गंभीर हो रहा है?

नई तस्वीर ने यह बहस फिर से तेज कर दी है कि क्या बड़े अरबपतियों को एपस्टीन के अपराधों की पूरी जानकारी थी और फिर भी वे उसके करीब रहे। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कुछ प्रभावशाली लोग इस पूरे मामले से अब तक बचते आए हैं।

फिलहाल इस मामले पर जांच और चर्चा दोनों तेज हो गई हैं, और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव में हलचल तेज, रांची से 13 वकील मैदान में

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Jharkhand State Bar Council elections : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के Elections को लेकर माहौल गरमा गया है। Ranchi District Bar Association से इस बार तीन महिला वकीलों समेत कुल 13 अधिवक्ता चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

नामांकन के पहले दिन मंगलवार को 8 अधिवक्ताओं ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया, जबकि बाकी उम्मीदवार बुधवार को नामांकन करेंगे।

पहले दिन किसने भरा नामांकन?

मंगलवार को सबसे पहले अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह महाराणा ने अपना नामांकन दाखिल किया।

नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि उनका मकसद वकीलों के हितों की रक्षा करना, बार काउंसिल की गरिमा बढ़ाना और युवा अधिवक्ताओं के लिए बेहतर मौके उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा डॉ. रबिंद्र कुमार, पवन रंजन खत्री, रवि रंजन, अभिषेक कुमार भारती, मुमताज अहमद खान, भरत चंद्र महतो और महिला अधिवक्ता ज्योति आनंद ने भी नामांकन दाखिल किया।

इन सभी ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिलता है तो वे अधिवक्ताओं की समस्याएं दूर करने, कल्याणकारी योजनाएं लागू कराने और न्यायिक प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम करेंगे।

आज और नामांकन, मुकाबला होगा दिलचस्प

निवर्तमान सदस्य संजय कुमार विद्रोही और प्रितांशु कुमार सिंह समेत अन्य उम्मीदवार बुधवार को अंतिम दिन अपना नामांकन दाखिल करेंगे। माना जा रहा है कि मुकाबला इस बार काफी कड़ा और दिलचस्प होगा।

कब होगा मतदान?

State Bar Council के लिए 12 मार्च को मतदान होगा। इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूरे राज्य के अधिवक्ता इस चुनाव में वोट डालेंगे।

कितने वोटर तय करेंगे किस्मत?

झारखंड में कुल 25,001 अधिवक्ता मतदाता हैं।

हाईकोर्ट के मतदाता: 4,665

रांची जिला बार के मतदाता: 3,539

कोर्ट में जज से भिड़े वकील ने मांगी माफी, फैसला सुरक्षित

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Clashed with Judge in Court Apologizes : झारखंड हाईकोर्ट के जज से Court Room में तीखी बहस करने वाले अधिवक्ता महेश तिवारी ने मंगलवार को High Court की पूर्णपीठ के सामने अपने व्यवहार के लिए माफी मांग ली।

इसके बाद चीफ जस्टिस एमएस सोनक समेत 5 जजों की पीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया।

हाईकोर्ट ने खुद शुरू किया था अवमानना केस

High Court ने इस पूरे मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए महेश तिवारी के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज किया था और सुनवाई के लिए विशेष पूर्णपीठ गठित की थी।

कोर्ट ने वकील से जवाब भी मांगा था, जिसके बाद उन्होंने Supreme Court का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

Supreme Court ने मामले की सुनवाई करते हुए महेश तिवारी को वापस Jharkhand High Court जाने को कहा था।

शीर्ष अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि अगर वकील माफी मांगते हैं तो हाईकोर्ट को सहानुभूति से विचार करना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था।

पहले अकड़े थे, अब बदला रुख

इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत में विवाद से जुड़ा वीडियो भी दिखाया गया था। तब चीफ जस्टिस के सवाल पर महेश तिवारी ने साफ कहा था कि उन्होंने जो बोला, पूरी समझ-बूझ के साथ बोला और उन्हें कोई पछतावा नहीं है।

इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें अवमानना का नोटिस जारी किया था और तीन हफ्ते में जवाब मांगा था।

विवाद कैसे शुरू हुआ था?

पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब Jharkhand High Court में जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में सुनवाई के दौरान महेश तिवारी की जज से तीखी और आपत्तिजनक बहस हो गई थी।

इसी घटना को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने पूर्णपीठ गठित कर सुनवाई की।

ICU के बाहर चिपका मौत का फरमान… डॉक्टर को गोली मारने की खुली धमकी!

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Open threat to Shoot the Doctor! : नावाडीह स्थित बिरसा मुंडा पार्क (Birsa Munda Park) के पास महाकेश्वर कॉम्पलेक्स में चल रहे किडनी केयर क्लिनिक में उस समय हड़कंप मच गया, जब ICU के बाहर एक धमकी भरा पत्र चिपका मिला।

पत्र में क्लिनिक संचालक डॉ. मिहिर कुमार को सीधे जान से मारने की धमकी दी गई है। घटना 9 फरवरी की रात की बताई जा रही है।

स्टाफ ने देखा सबसे पहले, फिर डॉक्टर को भेजी फोटो

क्लिनिक कर्मी असलम ने सबसे पहले ICU के बाहर चिपका पत्र देखा। उसने तुरंत उसकी Photo खींचकर व्हाट्सऐप पर डॉ. मिहिर को भेज दी।

सूचना मिलते ही डॉक्टर क्लिनिक पहुंचे और खुद जाकर पत्र को देखा, जिसके बाद वे सीधे धनबाद थाने पहुंचे।

पत्र में क्या लिखा था? – रोंगटे खड़े कर देने वाली धमकी

डॉ. मिहिर के मुताबिक पत्र में बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली भाषा इस्तेमाल की गई है। उसमें लिखा था…,

“डॉक्टर, तुम्हारी किस्मत अच्छी थी कि उस दिन ग्रुप में थे, वरना गोली मार देता। जिस तरह नीरज की हत्या हुई है, उसी तरह तुम्हें मारूंगा।

इसे हल्के में मत लेना। जितना जीना है जी लो, 4 तारीख को मार दूंगा। SP या DSP के पास गए तो और जल्दी मरोगे।”

पत्र के नीचे अंग्रेजी में “kill” भी लिखा था। इसे देखकर क्लिनिक स्टाफ में दहशत फैल गई है।

रंगदारी की आशंका, डॉक्टर ने दर्ज कराई FIR

डॉ. मिहिर ने धनबाद थाने में लिखित शिकायत देकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह धमकी रंगदारी (Extortion) वसूली के लिए दी गई हो सकती है। साथ ही उन्होंने अपने और स्टाफ की सुरक्षा की मांग की है।

पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे

पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पत्र चिपकाने वाले की पहचान हो सके।

Police का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

प्यार, धोखा और जहर…, भाभी ने पति के साथ मिलकर की युवक की हत्या!

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Love Affair and Marriage Controversy: तमाड़ थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग और शादी के विवाद में एक युवक को जहर देकर मार डालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मृतक की चचेरी भाभी और उसके पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कैसे बना प्यार हत्या की वजह?

बुंडू DSP Omprakash ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि मृतक शंकर नायक के माता-पिता की करीब एक साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी थी।

वह घर में अकेला रहता था और उसकी चचेरी भाभी उसका ख्याल रखती थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

जब शंकर ने दूसरी जगह शादी करने की बात शुरू की, तो भाभी नाराज हो गई। उसने अपने पति के साथ मिलकर शंकर को रास्ते से हटाने की साजिश रच दी।

चाय में मिला दिया जहर

पुलिस के अनुसार, 6 फरवरी को भाभी ने शंकर को चाय में कीटनाशक मिलाकर पिला दिया। शक से बचने के लिए उसने अपने पति को भी चाय दी, लेकिन उसने पीने से इनकार कर दिया और बाद में बीमार होने का नाटक कर Bundu Hospital में इलाज कराया।

अस्पताल में हुई मौत

जहरीली चाय पीने के बाद शंकर की हालत बिगड़ गई। उसका भाई सुकरा नायक उसे इलाज के लिए MGM अस्पताल, जमशेदपुर ले गया, जहां 6 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम के बाद शव 7 फरवरी को गांव लाया गया।

पुलिस ने किया खुलासा, दोनों गिरफ्तार

9 फरवरी को मृतक के भाई ने तमाड़ थाना में मामला दर्ज कराया। जांच के बाद पुलिस ने भाभी और उसके पति को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया।

हत्या के आरोपियों को झटका, कोर्ट ने जमानत से किया इनकार

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Setback For Murder Accused: अपर न्यायायुक्त एके तिवारी की अदालत ने मंगलवार को हत्या (Murder) के मामले में जेल में बंद दो आरोपियों दानिश कुरैशी और मो. सऊद काजी की जमानत याचिका खारिज (Bail Petition Rejected) कर दी। दोनों आरोपी 26 अगस्त 2025 से जेल में बंद हैं।

क्या है पूरा मामला?

दोनों आरोपियों पर 41 वर्षीय महिला प्रमिला देवी की हत्या करने का आरोप है। यह घटना 24 अगस्त 2025 को तमाड़ थाना क्षेत्र में हुई थी। मामले में तमाड़ थाना कांड संख्या 100/2025 के तहत हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

क्यों खारिज हुई जमानत?

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर है और Trial अभी शुरुआती चरण में है।

अदालत ने केस डायरी, Post Mortem Report और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा करने के बाद माना कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस स्तर पर आरोपियों को जमानत देना उचित नहीं होगा।

इसी आधार पर दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

झारखंड में सुबह ठंड, दोपहर गर्मी… मौसम ने कर दिया कंफ्यूज

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Weather News : झारखंड का मौसम इन दिनों अजीब खेल दिखा रहा है। सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड, दोपहर में तेज धूप (Bright Sunshine) और शाम होते ही फिर ठिठुरन-इस उतार-चढ़ाव ने लोगों को परेशान कर दिया है।

बदलते मौसम का असर सेहत पर भी साफ दिख रहा है और अस्पतालों में सर्दी-खांसी व वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं।

हर तीसरे घर में कोई न कोई बीमार

ठंड-गर्मी के इस उलटफेर की वजह से लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। Doctors के मुताबिक लगभग हर तीसरे घर में कोई न कोई व्यक्ति सर्दी, खांसी या सीजनल बुखार से जूझ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका ज्यादा असर दिख रहा है।

कहीं कनकनी, कहीं मई जैसी तपिश

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग है। रांची, खूंटी, गुमला, पलामू, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, चतरा में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। न्यूनतम तापमान 7–9 डिग्री के बीच बना हुआ है।

वहीं जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में दोपहर में पारा 33 डिग्री तक पहुंच जा रहा है। धूप इतनी तेज है कि बाहर खड़ा रहना मुश्किल हो रहा है।

अगले चार दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

रांची मौसम केंद्र (Ranchi Weather Center) के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार अगले चार दिनों तक बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा। पलामू, लातेहार, लोहरदगा, रांची, खूंटी में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे और दिन का तापमान 26–27 डिग्री रह सकता है।

जमशेदपुर, सरायकेला, गोड्डा, देवघर, साहिबगंज में न्यूनतम 13 डिग्री और अधिकतम 32 डिग्री तक जा सकता है।

11–12 फरवरी को बदल सकता है मिजाज

पश्चिमी विक्षोभ के असर से 11 और 12 फरवरी को कई इलाकों में हल्के बादल छा सकते हैं। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2–3 डिग्री बढ़ने की संभावना है।

सुबह हल्का कोहरा रहेगा, लेकिन 13 फरवरी से दिन में गर्मी बढ़ने लगेगी। फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं, लेकिन धीरे-धीरे ठंड से राहत मिलने की उम्मीद है।

ऑटो से उतरते ही हादसा…, BJP के बुजुर्ग नेता की दर्दनाक मौत

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Tragic Death of Senior BJP Leader : रांची-मेदिनीनगर मुख्य सड़क पर मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना में BJP के वरिष्ठ नेता 70 वर्षीय लवनाथ शाही की मौत हो गई।

Auto से उतरते वक्त अचानक गाड़ी आगे बढ़ गई और वे सड़क पर गिर पड़े। गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक, लवनाथ शाही दोपहर में चान्हो से ऑटो में बैठकर अपने घर पकरियो लौट रहे थे।

पकरियो पेट्रोल पंप के पास जैसे ही उन्होंने उतरने के लिए एक पैर सड़क पर रखा, Auto चालक ने अचानक गाड़ी आगे बढ़ा दी। संतुलन बिगड़ने से वे सड़क पर गिर गए और बुरी तरह घायल हो गए।

अस्पताल ले जाते वक्त तोड़ा दम

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उठाया और मांडर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। हालांकि डॉक्टरों तक पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई।

BJP नेताओं में शोक की लहर

लवनाथ शाही के निधन पर भाजपा नेताओं ने गहरा दुख जताया है।

सन्नी टोप्पो, सतीश शाह, चंदन गुप्ता, बबलू गोप, पुरंजय महतो, रहमान अंसारी, मुकेश प्रसाद, राजनाथ सिंह और रामबालक ठाकुर सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने कहा कि उनका जाना पार्टी और क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है।

दो पत्नियों के बीच पति का बंटवारा, एक दिन की छुट्टी भी मिली

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Division of a Husband Between Two Wives : UP के रामपुर जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है।

यहां दो पत्नियों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि पंचायत को पति का बाकायदा हफ्तेवार बंटवारा करना पड़ा।

पंचायत के फैसले के मुताबिक पति को हफ्ते में तीन दिन एक पत्नी के साथ, तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ और एक दिन खुद के लिए मिलेगा।

रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर पहुंचा मामला पंचायत तक

मामला अजीमनगर थाना (Azimnagar Police Station) क्षेत्र के नगलिया आकिल गांव का है। यहां रहने वाले एक मुस्लिम युवक की पहली शादी अरेंज मैरिज से हुई थी, जबकि दूसरी शादी लव मैरिज थी।

दोनों पत्नियों के बीच पति को अपने साथ रखने को लेकर अक्सर बहस और झगड़ा होता रहता था। बात कई बार इतनी बढ़ी कि मामला Police तक पहुंच गया।

पुलिस ने कहा- गांव में ही निकालो हल, बुलाई गई पंचायत

लगातार हो रहे विवाद को देखते हुए पुलिस ने गांव के बुजुर्गों से कहा कि आपस में बैठकर इसका कोई हल निकालें।

इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें पति और दोनों पत्नियां मौजूद रहीं। तीनों पक्षों की बात सुनने के बाद पंचायत ने बीच का रास्ता निकालते हुए एक खास फॉर्मूला तय किया।

हफ्ते का पूरा शेड्यूल तय, रविवार को पति की छुट्टी

पंचायत के फैसले के मुताबिक सोमवार, मंगलवार और बुधवार को पति पहली पत्नी के साथ रहेगा। गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को दूसरी पत्नी के साथ समय बिताएगा।

वहीं रविवार का दिन पति के लिए पूरी तरह Free रहेगा। इस दिन वह कहीं अकेले रह सकता है या अपनी मर्जी से जहां चाहे जा सकता है।

लिखित समझौता भी हुआ, खास हालात में बदलाव की छूट

पंचायत में तीनों ने इस फैसले पर लिखित समझौते में साइन भी किए।

साथ ही यह भी तय हुआ कि अगर कभी कोई खास परिस्थिति हो, तो दिन आगे-पीछे किए जा सकते हैं। फिलहाल गांव में माना जा रहा है कि इस फैसले से घर का झगड़ा थमेगा और मामला शांत रहेगा।