Hazaribagh : हजारीबाग में सेवायत भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े चर्चित मामले में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे और रिटायर्ड अधिकारी विनोद चंद्र झा की जमानत याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट 25 मार्च को सुनवाई करेगा। इस केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ कर रही है, जिसमें न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार हजारीबाग में सेवायत (धार्मिक ट्रस्ट से जुड़ी) जमीन की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। इसी मामले में पिछले साल अगस्त में ACB यानी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। कांड संख्या 9/2025 के तहत मामला दर्ज हुआ और जांच के बाद आरोपपत्र भी कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है।
हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
इस मामले में विनय चौबे ने पहले झारखंड हाईकोर्ट से जमानत की गुहार लगाई थी, लेकिन 6 जनवरी को कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ अब तक?
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब सरकार की तरफ से अपना पक्ष अदालत में दाखिल किया जा चुका है। आने वाली सुनवाई में बचाव पक्ष यानी आरोपियों की ओर से अपनी दलीलें रखी जाएंगी।

