Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सदन शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर का माहौल गरमा गया। पोर्टिको में भाजपा और आजसू के विधायकों ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए और भगवान श्रीराम की तस्वीर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायकों ने हजारीबाग जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर प्रशासन द्वारा लगाई गई रोक का विरोध किया। उन्होंने तख्तियां और बैनर दिखाते हुए सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया।
विधायकों का कहना था कि हजारीबाग के बड़कागांव क्षेत्र के महूदी में रामनवमी जुलूस में डीजे बजाने पर रोक लगाई गई है, जो गलत है। भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि इस तरह के फैसले को जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को सदन के अंदर भी उठाया जाएगा, क्योंकि यह स्थानीय परंपराओं और त्योहारों से जुड़ा मामला है। विपक्षी विधायकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें रामनवमी के मौके पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाने के बजाय ऐसे फैसलों पर ध्यान देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महूदी को संवेदनशील बताकर प्रतिबंध लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, प्रशासन को माहौल खराब करने वाले लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि पूरे क्षेत्र को प्रतिबंधों में बांधना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामनवमी मनाने पर कोई रोक नहीं है, केवल डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि यह फैसला कोर्ट के निर्देश और स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि जो विधायक माहौल बिगाड़ने या लोगों को उकसाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने नए विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें नियमों की जानकारी कम है और इसके लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत है।

