बस्तर में लाल आतंक से रुका विकास, अब बदल रही तस्वीर
अमित शाह ने कहा कि बस्तर में विकास इसलिए रुक गया था क्योंकि वहां लाल आतंक की परछाई थी। उन्होंने कहा कि विकास नहीं होने के कारण परछाई नहीं आई, बल्कि उस परछाई के कारण विकास रुक गया। अब यह परछाई हट रही है और बस्तर तेज़ी से विकसित हो रहा है।
मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि — नक्सल मुक्त भारत
गृह मंत्री ने कहा कि पहले 12 राज्यों को रेड कॉरिडोर बना दिया गया था और वहां कानून का शासन लगभग समाप्त हो गया था। करीब 12 करोड़ लोग लंबे समय तक गरीबी में जीते रहे। दोनों तरफ़ से लगभग 20 हज़ार युवा मारे गए और कई लोग दिव्यांग हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी सिद्धि नक्सल मुक्त भारत है और इसे कोई भी शोधकर्ता स्वीकार करेगा
मनमोहन सिंह के बयान का भी किया जिक्र
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का हवाला देते हुए अमित शाह ने कहा, “मनमोहन सिंह जी ने खुद स्वीकार किया था कि कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट से भी बड़ी चुनौती देश के सामने नक्सलवाद है, लेकिन कांग्रेस ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए।”
बस्तर के हर गांव तक पहुंची सुविधाएं
अमित शाह ने कहा कि अब बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि बस्तर के हर गांव में स्कूल खोलने के लिए अभियान चलाया गया। हर गांव में राशन की दुकान खोलने की मुहिम शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड दिए गए हैं और अब उन्हें 5 किलोग्राम अनाज मिल रहा है।
गृह मंत्री ने कहा, “जो लोग पहले नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे, उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि लोगों को अब तक ये सुविधाएं क्यों नहीं मिलीं। बस्तर के लोग इसलिए पीछे रह गए क्योंकि इस क्षेत्र पर लाल आतंक का साया था। अब वह साया हट गया है और बस्तर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।”