Gold And Silver Prices Fall Sharply : अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर संकेतों और वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार (Indian Bullion Market) में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने और बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों का उत्साह ठंडा कर दिया है।
MCX पर कीमतों का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून की डिलीवरी वाले सोने के कॉन्ट्रैक्ट में सुबह से ही नरमी देखी गई। सोना 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,46,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 1,47,255 रुपये था। सत्र के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमत 2.06 प्रतिशत (3,043 रुपये) गिरकर 1,44,212 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गई।
चांदी के भाव में भी गिरावट रही। 5 मई की Delivery वाले चांदी के वायदा भाव में 0.96 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 2,25,763 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव मुख्य कारण है। इस संघर्ष से ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा है।
बढ़ती महंगाई के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकता है, जो सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक संकेत है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.61 प्रतिशत गिरकर 4,420.48 डॉलर प्रति Ounce पर आ गया, जबकि स्पॉट सिल्वर लगभग 3 प्रतिशत गिरकर 67.69 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
मार्च में रिकॉर्ड गिरावट
मार्च का महीना सोने के लिए बेहद खराब रहा। इस महीने सोने की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो अक्टूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।
इसका एक बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी है। 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद डॉलर इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक तेजी आई है। चांदी इस दौरान अपनी मार्च की ऊंचाई से लगभग 30 प्रतिशत नीचे फिसल चुकी है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने में कमजोरी बनी हुई है। युद्ध के समय सोना ‘सुरक्षित निवेश’ माना जाता है, लेकिन फिलहाल डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों का दबाव कीमतों पर भारी पड़ रहा है। आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें आर्थिक आंकड़ों और मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर निर्भर करेंगी।

