USA and Iran War: पाकिस्तान की राजधानी क्षेत्र इस्लामाबाद और रावलपिंडी में 9 और 10 अप्रैल को लोकल हॉलिडे घोषित कर दिया गया है। इन दो दिनों में स्कूल, कॉलेज और ज्यादातर सरकारी-निजी दफ्तर बंद रहेंगे। हालांकि अस्पताल, पुलिस, बिजली, गैस और अन्य जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।
इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर इरफान नवाज मेमन ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। रावलपिंडी प्रशासन ने भी अलग से नोटिफिकेशन जारी किया।
हालांकि प्रशासन ने छुट्टी की आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन यह फैसला ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों की टीमों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बाद पाकिस्तान की पहल
28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। दोनों पक्षों के बीच हमले भी हुए। इसके बाद पाकिस्तान ने दोनों देशों से लगातार संपर्क बनाए रखा।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बैकचैनल बातचीत की। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों ने दो हफ्ते के लिए तत्काल सीजफायर पर सहमति जताई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ से बातचीत के बाद उन्होंने ईरान पर हमले रोकने का फैसला किया।
अब इस सीजफायर को स्थायी बनाने और विवाद सुलझाने के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में सीधी बातचीत प्रस्तावित है।
ईरान और अमेरिका ने भी भागीदारी के संकेत दिए
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने फोन पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बातचीत की और वार्ता में शामिल होने की पुष्टि की।
ईरान ने अपनी 10 सूत्री योजना भी पेश की है। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण, प्रतिबंध हटाने और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
अमेरिका की ओर से भी भाग लेने के संकेत मिले हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर सकते हैं।
सुरक्षा कारणों से छुट्टी का फैसला
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में उच्च स्तरीय विदेशी मेहमानों के आने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ती है। सड़कों पर आवाजाही सीमित की जा सकती है। ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है। स्कूल-कॉलेज बंद रखने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
प्रशासन को सुरक्षा और व्यवस्था पर पूरी तरह ध्यान देने का मौका भी मिलता है। इसी वजह से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी 9 अप्रैल को रावलपिंडी में प्रस्तावित रैली टाल दी है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई बाधा न आए।
अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की अहम भूमिका
पाकिस्तान के ईरान से पड़ोसी होने के कारण लंबे समय से संबंध हैं। वहीं अमेरिका से भी पाकिस्तान के राजनयिक और सैन्य रिश्ते रहे हैं। इस बार पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने और सीजफायर कराने में अहम भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब दोनों देश इस्लामाबाद में अंतिम समझौते पर बातचीत कर सकते हैं।
10 अप्रैल की वार्ता पर दुनिया की नजर
10 अप्रैल को प्रस्तावित बातचीत में ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने की कोशिश होगी। हालांकि कई मुद्दों पर दोनों देश अभी भी अलग-अलग रुख पर हैं, लेकिन सीजफायर को बड़ी प्रगति माना जा रहा है।
अगर यह वार्ता सफल रहती है, तो पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है और शांति की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।

