USA Iran Peace News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को ईरान और अमेरिका के बीच अहम बातचीत होने वाली है। इसी बातचीत से तय होगा कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा या टकराव और बढ़ेगा।
लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद ईरान ने पहले इस बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में ईरान बातचीत के लिए तैयार हो गया। अब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेता पहुंच चुके हैं।
ट्रंप का दावा, जल्द खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट
इस पीस टॉक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट जल्द ही फिर से खोल दिया जाएगा, चाहे ईरान सहयोग करे या नहीं।
इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने चेतावनी भी दी थी कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है।
पीस टॉक से जुड़ी 6 बड़ी बातें
1. पाकिस्तान की ओर से कौन-कौन शामिल
पाकिस्तान इस वार्ता का मेजबान और मध्यस्थ दोनों की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इसहाक डार, आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आसिम मलिक शामिल होंगे।
2. अमेरिका की ओर से कौन करेगा अगुवाई
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। उनके साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर भी मौजूद रहेंगे।
3. ईरान की ओर से कौन रहेगा मौजूद
ईरान की ओर से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, उप विदेश मंत्री माजिद तख्त रावंची और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाकिर जोलगादर शामिल होंगे।
4. कब शुरू होगी बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच सुबह 9 बजे के आसपास बातचीत शुरू होने की उम्मीद थी। हालांकि अब इसमें थोड़ी देरी हो रही है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के सेरेना होटल में ठहरेंगे और वहीं बातचीत भी होगी।
5. क्या आमने-सामने होगी बातचीत
दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल एक ही होटल में रहेंगे, लेकिन आमने-सामने बैठकर बातचीत नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्ष अलग-अलग कमरों में बैठेंगे और पाकिस्तानी अधिकारी संदेश पहुंचाने का काम करेंगे। कूटनीतिक भाषा में इस तरह की अप्रत्यक्ष बातचीत को ‘प्रॉक्सिमिटी टॉक्स’ कहा जाता है।
6. बातचीत के मुख्य मुद्दे क्या होंगे
इस वार्ता में सबसे बड़ा मुद्दा लेबनान में सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट रहेगा। ईरान चाहता है कि सीजफायर में लेबनान को भी शामिल किया जाए। इसके साथ ही ईरान भविष्य में किसी हमले से बचने की गारंटी भी चाहता है।
क्या इस बातचीत से टलेगा टकराव
इस्लामाबाद में होने वाली यह बातचीत मध्य-पूर्व की स्थिति को बदल सकती है। अगर समझौता होता है तो तनाव कम होगा। लेकिन अगर वार्ता विफल रही तो क्षेत्र में बड़ा टकराव भी हो सकता है।

