New Delhi : भारतीय रसोई में कई पारंपरिक चीजें मौजूद हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। इनमें से एक है गोंद कतीरा, जिसे ट्रागाकैंथ गम भी कहा जाता है। भले ही आज की युवा पीढ़ी इसके बारे में कम जानती हो, लेकिन पुराने समय में इसका खूब इस्तेमाल किया जाता था।
क्या है गोंद कतीरा?
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक खाने वाला गोंद है, जो कुछ खास पेड़ों से प्राप्त होता है। यह खासतौर पर भारत के उत्तरी हिस्सों में आसानी से मिल जाता है। यह दिखने में पारदर्शी ठोस क्रिस्टल जैसा होता है और पानी में भिगोने पर जेली जैसा बन जाता है। इसमें कोई खास स्वाद या गंध नहीं होती।
आयुर्वेद के अनुसार, गोंद कतीरा के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। इसकी खासियत यह है कि यह गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, जबकि सर्दियों में शरीर को गर्माहट देता है।
गर्मी में क्यों है फायदेमंद?
गर्मियों में अधिक गर्मी और पसीने की वजह से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस होती है। ऐसे में गोंद कतीरा एक प्राकृतिक उपाय के रूप में काम करता है। यह शरीर को ठंडा रखता है और हीट से जुड़ी समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
इन आसान तरीकों से करें सेवन
1. गोंद कतीरा शरबत : एक चम्मच गोंद कतीरा को 7-8 घंटे पानी में भिगो दें, जब यह जेली जैसा हो जाए तो इसे ठंडे पानी में मिलाएं। इसमें नींबू का रस, काला नमक और स्वादानुसार शहद या गुड़ डालें। पुदीने की पत्तियां मिलाकर ठंडा-ठंडा पिएं।
2. गोंद कतीरा दही : गोंद को 8-10 घंटे भिगोकर जेली जैसा बना लें। ठंडे मीठे दूध में एक चम्मच गोंद मिलाएं और सर्व करें। यह शरीर को ठंडक देता है।
3. गोंद कतीरा मिल्कशेक : भिगोया हुआ गोंद कतीरा ठंडे दूध और अपनी पसंद के फलों (जैसे केला या पपीता) के साथ मिलाएं। इसमें शहद और बर्फ डालकर मिक्सर में ब्लेंड करें। पौष्टिक मिल्कशेक तैयार है।
डिस्क्लेमर : यह जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

