Iran And USA Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की। इसी कड़ी में इस्लामाबाद में शांति वार्ता का आयोजन किया गया। हालांकि, लंबी बातचीत के बावजूद यह वार्ता बेनतीजा रही। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी भूमिका को लेकर उत्साहित नजर आया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बातचीत में शामिल होने के लिए अमेरिका और ईरान दोनों का आभार जताया और इसे सकारात्मक कदम बताया।
इशाक डार बोले- शांति वार्ता की मेजबानी सम्मान की बात
शांति वार्ता के बाद विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस अहम बातचीत की मेजबानी कर सम्मानित महसूस कर रहा है। डार ने कहा, “हम इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने के लिए ईरान और अमेरिका का शुक्रिया अदा करते हैं। यह न सिर्फ मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए अच्छा संकेत है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश भविष्य में भी सीजफायर से जुड़े प्रयास जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति कायम करने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेगा।
आसिम मुनीर की भूमिका का भी किया जिक्र
इशाक डार ने इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान के थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि जनरल आसिम मुनीर ने सीजफायर की दिशा में कई दौर की बातचीत में मदद की।
परमाणु मुद्दा और होर्मुज बना अड़चन
बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली। इस दौरान कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। यही वजह रही कि शांति वार्ता का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका।
क्यों फेल हुई शांति वार्ता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वह समाधान की नीयत से बातचीत में शामिल हुए थे। लेकिन ईरान अमेरिका की शर्तें मानने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद जेडी वेंस अपनी टीम के साथ इस्लामाबाद से अमेरिका के लिए रवाना हो गए। वहीं, ईरानी मीडिया का दावा है कि अमेरिका बातचीत के दौरान अपनी शर्तों में काफी ज्यादा मांग कर रहा था, जिस वजह से वार्ता सफल नहीं हो सकी।

