Srinagar/Jammu : दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू होगी। यह जानकारी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज यानी रविवार को दी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। यात्रा की तिथियों का फैसला श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता उपराज्यपाल ने की। श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है, जो 15 अप्रैल से शुरू होगा। यात्रा के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष तय की गई है।
#WATCH | Jammu, Jammu and Kashmir: On Amarnath Yatra 2026, Lieutenant Governor Manoj Sinha says, “The pilgrimage will begin on July 3rd and conclude on Rakshabandhan on August 28th. Overall, this year’s pilgrimage will be slightly longer. It will span 57 days. The Pratham Puja… pic.twitter.com/6D9YYQ5EwW
— ANI (@ANI) April 12, 2026
उपराज्यपाल ने बताया कि यात्रा की शुरुआत से पहले 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर पहली पूजा की जाएगी। इसके बाद नियमित यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होगी। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। यह सुविधा देशभर में जम्मू एंड कश्मीर बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की 554 शाखाओं में उपलब्ध रहेगी। इस बार यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित होगी। पहला, अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और दूसरा, गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग।
प्रशासन ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं की तैयारी की जा रही है। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे को भी बेहतर किया गया है। इसके अलावा, यात्रा से जुड़े सभी पंजीकृत श्रद्धालुओं, सेवा प्रदाताओं, अधिकारियों और पुजारियों के लिए दुर्घटना बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
उपराज्यपाल ने यह भी बताया कि श्रीनगर और जम्मू में ‘बाबा बर्फानी’ भगवान शिव को समर्पित लेजर और साउंड शो का आयोजन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित किया जा सके।

