Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी सक्रिय हो गई है। बीजेपी ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। पार्टी ने सांसदों को 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया है। साथ ही साफ कहा गया है कि इन दिनों किसी भी सांसद को छुट्टी नहीं दी जाएगी और सभी को व्हिप का सख्ती से पालन करना होगा।
बजट सत्र बढ़ाया गया, 16 अप्रैल से फिर शुरू होगी कार्यवाही
संसद का बजट सत्र पहले 2 अप्रैल तक चलना था और उसी दिन कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होनी थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसदीय कार्य मंत्री के अनुरोध का जिक्र करते हुए घोषणा की कि सदन की कार्यवाही 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित की जा रही है। अब 16 अप्रैल की तारीख करीब आते ही सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और बीजेपी सक्रिय हो गई है।
महिला आरक्षण बिल पास कराने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल में संशोधन का प्रस्ताव ला सकती है। इसके साथ ही संविधान संशोधन प्रस्ताव भी लाया जाएगा। संविधान संशोधन को पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। ऐसे में बीजेपी ने अभी से अपने सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया है। यह भी माना जा रहा है कि लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने को लेकर सरकार इस सत्र में अहम कदम उठा सकती है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, सर्वदलीय बैठक की मांग
वहीं विपक्षी दलों ने सरकार से परिसीमन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। खड़गे ने आरोप लगाया कि विपक्ष को विश्वास में लिए बिना इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं।
टीएमसी ने सरकार पर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद को गंभीरता से लेने की बजाय राजनीतिक नाटक किया जा रहा है। महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है और 16 अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र में इस मुद्दे पर जोरदार बहस होने की संभावना है।

