Ranchi : रांची नगर निगम में आज जनगणना को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। खास बात यह है कि नागरिक अब अपने मोबाइल के जरिए खुद ‘स्वयं गणना’ कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी।
भारत में जनगणना का इतिहास
भारत में जनगणना की शुरुआत साल 1872 में हुई थी। इसके बाद 1881 से हर 10 साल में नियमित रूप से जनगणना कराई जाती रही है। आजादी के बाद होने वाली यह जनगणना तकनीकी रूप से पहले से ज्यादा आधुनिक और डिजिटल होगी।
1 मई से शुरू होगी स्वयं गणना
अधिकारियों के अनुसार, 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक लोग अपने मोबाइल के माध्यम से स्वयं गणना कर सकेंगे। इसके बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। शुरुआत में मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग) की जाएगी, उसके बाद जनसंख्या की गणना शुरू होगी। रांची में इसकी शुरुआत लोकपाल भवन से की जाएगी।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और सुरक्षित
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी। मकान की गणना के दौरान कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे। नागरिकों को 16 भाषाओं में फॉर्म भरने का विकल्प मिलेगा, जिससे हर वर्ग के लोगों को सुविधा होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान कोई ओटीपी या संवेदनशील जानकारी नहीं मांगी जाएगी और सभी डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
प्रशासनिक सीमाएं रहेंगी स्थिर
जनगणना को सुचारू रूप से कराने के लिए 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक सभी प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज कर दिया गया है। इस अवधि में कोई नया वार्ड या नगर निगम नहीं बनाया जाएगा।
अधिकारियों की तैनाती और ट्रेनिंग पूरी
राज्यभर में जनगणना के लिए अधिकारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। 264 प्रखंडों और 50 नगरीय इकाइयों में टीमें तैयार हैं। वहीं रांची नगर निगम क्षेत्र में 2581 अधिकारी और कर्मचारी इस काम में लगाए गए हैं।
अफवाहों से बचें, हेल्पलाइन जारी
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। कोई भी अधिकारी आपसे ओटीपी या निजी दस्तावेज नहीं मांगेगा। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है, जिस पर कॉल कर सहायता ली जा सकती है।

