US Claims Spark Unrest : दक्षिण अमेरिका का देश Venezuela इन दिनों वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। अमेरिका की ओर से किए गए दावों और बयानों के बाद वहां राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि Venezuela में हालिया घटनाक्रम के बाद अमेरिका की भूमिका बढ़ गई है, जबकि इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Baccalaureate) पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
ट्रुथ सोशल पर तस्वीर, फ्लोरिडा से ट्रंप का बयान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ट्रुथ सोशल पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की एक तस्वीर साझा की।

इसके बाद उन्होंने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास मार-आ-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के रुख को स्पष्ट किया।
ट्रंप ने कहा कि जब तक वेनेजुएला में सत्ता का सुरक्षित, सही और समझदारी भरा परिवर्तन नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
कानूनी कार्रवाई का भी संकेत
अमेरिका की अटॉर्नी जनरल की ओर से यह जानकारी दी गई कि न्यूयॉर्क के सदर्न District में निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चलाई जाएगी।

इस बयान के बाद कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और वेनेजुएला-अमेरिका संबंधों में और तल्खी देखी जा रही है।
वेनेजुएला में धर्म और समाज की पृष्ठभूमि
वेनेजुएला में ईसाई धर्म सबसे प्रमुख माना जाता है, जिसमें रोमन कैथोलिक समुदाय का दबदबा है। अनुमान के अनुसार देश की करीब 65 से 70 प्रतिशत आबादी खुद को कैथोलिक मानती है।
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो भी रोमन कैथोलिक पृष्ठभूमि से आते हैं और खुद को ईसाई बताते हैं। स्पेनिश शासन काल से ही चर्च ने वेनेजुएला में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन में अहम भूमिका निभाई है, हालांकि बीते दशकों में इसका प्रभाव पहले जैसा व्यापक नहीं रहा।
प्रोटेस्टेंट और मुस्लिम समुदाय की स्थिति
देश में Protestant ईसाइयों की संख्या भी बढ़ी है और यह आबादी करीब 10 से 17 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं मुस्लिम समुदाय संख्या में छोटा जरूर है, लेकिन संगठित और सक्रिय माना जाता है।
वेनेजुएला में लगभग एक लाख मुसलमान रहते हैं, जिनकी आबादी कुल जनसंख्या का करीब 0.4 प्रतिशत है। यह समुदाय मुख्य रूप से काराकास और नुएवा एस्पार्टा जैसे इलाकों में रहता है और व्यापार व सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय है।
धर्मनिरपेक्ष देश, लेकिन राजनीति में इस्तेमाल
वेनेजुएला का संविधान देश को एक सेक्युलर स्टेट घोषित करता है, जहां धर्म की स्वतंत्रता है और किसी एक धर्म को सरकारी दर्जा नहीं मिला है।
हालांकि, हाल के वर्षों में आरोप लगते रहे हैं कि सत्ता ने धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक औजार के रूप में किया है। समर्थक धार्मिक समूहों को संरक्षण मिला, जबकि आलोचक समूहों को दबाव का सामना करना पड़ा।
