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अमेरिका ने दिखाई ताकत, रूस-चीन को सीधी चुनौती

America Showed its Strength : Venezuela में सत्ता परिवर्तन को लेकर United States ने जिस तरह की रणनीतिक ताकत दिखाई है, उसे नए शीत युद्ध की एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है।

पुराने शीत युद्ध के दौर में महाशक्तियां विचारधाराओं और भौगोलिक सीमाओं के आधार पर अपना प्रभाव बढ़ाती थीं और इसके लिए सत्ता परिवर्तन जैसे खेल आम बात थे।

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अब Venezuela के जरिए अमेरिका ने साफ तौर पर अपने नए प्रतिद्वंद्वियों रूस और चीन को खुली चुनौती दी है।

नैतिक सवालों से अलग देखें तो भारत के लिए राहत की खबर

इस पूरे घटनाक्रम में भले ही कई नैतिक सवाल उठते हों, लेकिन अगर उन्हें एक तरफ रखा जाए तो Venezuela की मौजूदा स्थिति भारत के लिए कुछ हद तक सकारात्मक मानी जा सकती है।

अगर अमेरिका Venezuela पर अपना प्रभाव मजबूत करता है और वहां के तेल पर लगे प्रतिबंध हटते हैं, तो इसका सीधा फायदा भारतीय कंपनियों को मिल सकता है।

ONGC Videsh का अटका पैसा और तेल सप्लाई की उम्मीद

Venezuela के San Cristobal और Carabobo-1 तेल क्षेत्रों से जुड़ा करीब 1 अरब डॉलर का भुगतान अब संभव हो सकता है। इन तेल क्षेत्रों में ONGC Videsh Limited की हिस्सेदारी है, जो भारत की प्रमुख विदेशी तेल कंपनी है।

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प्रतिबंध हटने की स्थिति में भारत को वहां से क्रूड ऑयल मिलना शुरू हो सकता है, जिससे तेल आयात के लिए कुछ गिने-चुने देशों पर निर्भरता कम होगी।

दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार, भारत की खास क्षमता

अनुमानों के मुताबिक, Venezuela में 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है, जो दुनिया के कुल तेल भंडार का करीब 17 प्रतिशत है। यह ज्यादातर Heavy Crude है, जिसे रिफाइन करना हर देश के लिए आसान नहीं होता।

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भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास इस तरह के क्रूड को प्रोसेस करने की तकनीकी क्षमता मौजूद है।

2019 तक भारत था बड़ा खरीदार

2019 तक Venezuela के बड़े तेल खरीदारों में भारत भी शामिल था। उस समय भारत रोजाना करीब तीन से चार लाख बैरल तेल Venezuela से आयात करता था।

हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद यह सप्लाई लगभग पूरी तरह बंद हो गई। अब हालात बदलते हैं तो भारत एक बार फिर वेनेजुएला से तेल खरीद बढ़ा सकता है।

Iran की तरह वेनेजुएला से भी बढ़ सकती है खरीद

दुनियाभर से Crude oil खरीदने के मामले में भारत पहले भी रणनीतिक समझदारी दिखा चुका है। साल 2015 में जब JCPOA डील के तहत Iran पर लगे तेल प्रतिबंधों में ढील दी गई थी, तब भारत ने तेजी से वहां से क्रूड ऑयल का आयात शुरू कर दिया था। विशेषज्ञ मानते हैं कि वेनेजुएला के मामले में भी भारत ऐसा ही रुख अपना सकता है।

तुरंत और लंबे समय दोनों में फायदे की उम्मीद

अगर Venezuela से तेल की Supply दोबारा शुरू होती है, तो भारत को तुरंत राहत मिलेगी ही, साथ ही लंबे समय में ढांचागत और रणनीतिक स्तर पर भी फायदा होगा।

इससे भारत की Energy Security मजबूत होगी और वैश्विक तेल बाजार में उसकी मोलभाव करने की ताकत भी बढ़ेगी।

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