US Tough Decisions : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों अपने कड़े और विवादित फैसलों को लेकर लगातार चर्चा में हैं।
हाल ही में वेनेजुएला (Venezuela) के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका लाने की खबरों के बाद उन्होंने Greenland को अपने नियंत्रण में लेने की बात कही, जिससे कई नाटो देशों में चिंता देखी जा रही है।
भारत के लिए अहम फैसले
भारत के संदर्भ में देखें तो अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इसके साथ ही H-1B वीज़ा की फीस में भी भारी बढ़ोतरी की गई है।
H-1B वीज़ा एक अमेरिकी गैर-आप्रवासी वीज़ा होता है, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां IT, इंजीनियरिंग, मेडिकल, साइंस और अन्य विशेष क्षेत्रों में विदेशी प्रोफेशनल्स को अस्थायी तौर पर नौकरी देती हैं।
इस फैसले से भारतीय प्रोफेशनल्स पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारतीय छात्रों को सख्त चेतावनी
आज बुधवार को अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है।
भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई छात्र अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करता है तो उसका Student Visa रद्द किया जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे छात्रों को देश से बाहर भी निकाला जा सकता है।
सोशल मीडिया पर दूतावास का संदेश
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि American कानून तोड़ने पर गिरफ्तारी हो सकती है, वीज़ा रद्द किया जा सकता है और भविष्य में अमेरिकी वीज़ा के लिए अयोग्य भी ठहराया जा सकता है।
दूतावास ने छात्रों से नियमों का पालन करने और अपनी यात्रा को खतरे में न डालने की अपील की है।
वीज़ा अधिकार नहीं, सुविधा
दूतावास ने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि अमेरिकी वीज़ा कोई अधिकार नहीं बल्कि एक सुविधा है।
इससे पहले भी अमेरिका जाने वाले अवैध अप्रवासियों को चेतावनी दी जा चुकी है कि इमिग्रेशन कानूनों के उल्लंघन पर आपराधिक सजा का प्रावधान है। इन सख्त कदमों से भारतीय छात्रों और कामकाजी लोगों में चिंता बढ़ गई है।

