No Entry for Men Here : जरा कल्पना कीजिए एक ऐसी जगह की, जहां शोर-शराबा, दिखावा और दूसरों की नजरों का दबाव अचानक खत्म हो जाए। एक ऐसा द्वीप, जहां किसी को कुछ साबित नहीं करना पड़ता, न कोई भूमिका निभानी होती है।
Finland के तट के पास बसा एक अनोखा द्वीप ठीक इसी सोच को साकार करता है। यहां कोई बड़ा बोर्ड नहीं, कोई ऐलान नहीं, बस एक खामोश समझ है-यहां मर्दों की एंट्री नहीं है।
बाल्टिक सागर के बीच छिपा एक अलग ही संसार
Finland के दक्षिणी तट पर, हेलसिंकी से करीब 100 किलोमीटर दूर बाल्टिक सागर में स्थित SuperShe Island पहली नजर में किसी Film के सीन जैसा लगता है।

ठंडा समंदर, चट्टानी किनारे और चारों तरफ फैले घने जंगल इस द्वीप को आम दुनिया से बिल्कुल अलग बना देते हैं। 8.4 एकड़ में फैला यह निजी द्वीप बाहर से भले ही शांत दिखता हो, लेकिन भीतर एक गहरी आज़ादी का एहसास देता है।
मर्दों पर पाबंदी, नफरत नहीं बल्कि सुकून के लिए
SuperShe Island का सबसे बड़ा नियम यही है कि यहां पुरुषों को आने की अनुमति नहीं है। यह फैसला किसी नफरत की भावना से नहीं, बल्कि महिलाओं को पूरी तरह केंद्र में रखने के लिए लिया गया है।

यहां आने वाली महिलाएं बताती हैं कि बिना किसी दबाव और बिना परखी जाने वाली नजरों के वे खुद को ज्यादा आजाद महसूस करती हैं। बातचीत सहज हो जाती है और खामोशी भी बोझ नहीं, बल्कि राहत लगने लगती है।
कहां से आई इस द्वीप की सोच
इस अनोखे द्वीप की Kalpana Tech Industry की पूर्व सीईओ क्रिस्टीना रोथ ने की थी।

फिनलैंड की प्राकृतिक सुंदरता से प्रभावित होकर उन्होंने ऐसा स्थान बनाने का सपना देखा, जहां महिलाएं खुद से दोबारा जुड़ सकें। यहां हर चीज दिखावे से दूर और भीतर की शांति के करीब रखी गई है।
सीमित लोग, खुला वक्त और बिना जल्दबाजी की जिंदगी
SuperShe Island पर एक समय में सिर्फ आठ महिलाएं ही ठहर सकती हैं। यहां योग, ध्यान, जंगलों में टहलना, कयाकिंग और पारंपरिक Finnish Aauna जैसी गतिविधियां होती हैं, लेकिन किसी सख्त समय-सारिणी के बिना। खाना स्थानीय और सेहतमंद होता है, जिसे जल्दबाजी नहीं बल्कि इत्मीनान से खाया जाता है।
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पहचान पीछे, इंसान आगे
इस द्वीप पर दुनिया के अलग-अलग कोनों से लेखक, कलाकार, Startup Founder and Professor आती हैं। यहां पहुंचते ही पद, पहचान और प्रोफाइल पीछे छूट जाती है।
SuperShe Island खुद को किसी रिसॉर्ट के रूप में पेश नहीं करता, बल्कि यह एक ऐसी जगह है, जहां महिलाएं खुद की आवाज सुन सकें।
खामोशी की जरूरत भी एक हक
SuperShe Island यह दिखाता है कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में महिलाएं सिर्फ ब्रेक नहीं चाहतीं, बल्कि खामोशी का हक भी मांगती हैं।
यह द्वीप उसी खामोश जरूरत का जवाब बनकर उभरता है, जहां सुकून किसी सुविधा से नहीं, बल्कि आज़ादी से मिलता है।

