Kidney Transplant begins in Jharkhand: झारखंड राज्य के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अहम कदम उठाया गया है. अब राज्य में ही Kidney Transplant की सुविधा शुरू होने जा रही है.
इसके लिए राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) और राज हॉस्पिटल को किडनी प्रत्यारोपण का लाइसेंस देने पर सहमति बन गई है.
जल्द ही दोनों अस्पतालों को औपचारिक लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा. इसके बाद झारखंड के किडनी मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी.
परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया फैसला
यह निर्णय स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया.
यह समिति मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत गठित की गई है. बैठक में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से RIMS और Raj Hospital को Kidney Transplant की अनुमति देने का निर्णय लिया.
अधिकारियों ने जानकारी दी कि दोनों संस्थानों ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं. शेष औपचारिकताएं पूरी होते ही लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा. इससे राज्य में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा.
राज्य में अंग प्रत्यारोपण सुविधाओं का होगा विस्तार
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि आने वाले समय में राज्य के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में लिवर, हार्ट और Kidney Transplant की सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं.
इस विषय पर विस्तार से चर्चा के लिए 15 जनवरी को राज्य के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.
राज्य से बाहर इलाज पर निर्भरता होगी कम
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों की संख्या कम की जानी चाहिए.
उन्होंने निर्देश दिया कि गंभीर बीमारियों का इलाज झारखंड में ही उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण और विशेषज्ञ सुविधाओं को मजबूत किया जाए. इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों पर भी सरकार विचार कर रही है.
सरकारी योजनाओं के तहत इलाज को मिलेगा बढ़ावा
Health Department ने बताया कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत एक विशेष पैकेज तय किया गया है, ताकि गंभीर रोगों का इलाज राज्य के भीतर ही संभव हो सके.
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में आने वाले मरीजों का इलाज अनिवार्य रूप से झारखंड में ही किया जाएगा. केवल वही मरीज राज्य के बाहर इलाज करा सकेंगे, जो इस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं.

