Mamata Led Protest March in Kolkata: चुनावी रणनीति से जुड़ी संस्था I-PAC के चीफ प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी (Raid) के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई के बाद कई बड़े घटनाक्रम सामने आए।
शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
वहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई फिलहाल टल गई।
ED और TMC आमने-सामने, कोर्ट में याचिकाएं
इस पूरे मामले में ED और TMC दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। ED ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि बंगाल पुलिस और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने जांच में रुकावट डाली।
दूसरी ओर, TMC ने कोर्ट से ED की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा है कि उसके सभी गोपनीय दस्तावेज तुरंत वापस किए जाएं।
ममता बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता में मार्च
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता में I-PAC कार्यालय पर ED की छापेमारी के विरोध में बड़ा मार्च निकाला गया।
इस मार्च में TMC के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। मार्च की शुरुआत 8B बस स्टैंड इलाके से हुई और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।
“राजनीतिक बदले की भावना से हो रही कार्रवाई” – ममता
मार्च के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बदले की भावना से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे हमलों की आदत हो चुकी है। ममता ने यह भी कहा कि गुरुवार का दिन उनके लिए “पुनर्जन्म” जैसा था और उन्होंने जो किया, वह सही था।
गौरतलब है कि गुरुवार को ED की रेड के दौरान ममता मौके पर पहुंची थीं और कुछ कागजात अपने साथ ले गई थीं। इसी बात को लेकर ED ने Calcutta High Court में याचिका दायर की है।
गोपनीय दस्तावेजों को लेकर ED पर आरोप
ममता बनर्जी ने ED पर यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी पार्टी के अंदरूनी दस्तावेज, Hard Disk और संगठन से जुड़ा गोपनीय डेटा जब्त करना चाहती थी, जिनका किसी वित्तीय जांच से कोई संबंध नहीं था।
दिल्ली प्रदर्शन पर भी जताई नाराजगी
इससे पहले दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर TMC सांसदों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर ममता ने अमित शाह पर निशाना साधा था।
उन्होंने इसे शर्मनाक, अस्वीकार्य और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। कुल मिलाकर, ED रेड के बाद केंद्र और राज्य के बीच टकराव और गहरा गया है।

