Iran and USA Ceasefire Deal: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से रवाना हो गए। वार्ता के फेल होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख सख्त हो गया। उन्होंने ईरान की समुद्री घेराबंदी करने का संकेत दिया है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर साझा किया आर्टिकल
दरअसल, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक न्यूज आर्टिकल शेयर किया। इसमें कहा गया कि अगर वार्ता विफल होती है, तो ट्रंप के पास ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी का विकल्प मौजूद है। हालांकि यह आर्टिकल वार्ता के नतीजे आने से पहले का था। इसमें लिखा गया था कि अगर ईरान अंतिम प्रस्ताव ठुकराता है, तो अमेरिका के पास कई विकल्प तैयार हैं। ट्रंप पहले ही ईरान को “पाषाण युग” में वापस भेजने की चेतावनी दे चुके हैं। अब वे वेनेजुएला की तरह ईरान की आर्थिक और समुद्री घेराबंदी कर सकते हैं।
वेनेजुएला वाली रणनीति ईरान पर लागू करने की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पहले वेनेजुएला में नौसैनिक नाकेबंदी की थी, जो असरदार साबित हुई थी। अब ट्रंप वही रणनीति ईरान पर लागू कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो ईरान के तेल निर्यात पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे चीन और भारत जैसे देशों पर भी दबाव बढ़ सकता है, जो ईरान से तेल खरीदते हैं।
फारस की खाड़ी में अमेरिकी वॉरशिप तैनात
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वेनेजुएला नाकेबंदी में शामिल अमेरिकी वॉरशिप यूएसएस गेराल्ड फोर्ड इस समय फारस की खाड़ी में तैनात है। मरम्मत के बाद यह फिर से सक्रिय हो गया है और यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ ऑपरेशन में जुड़ गया है। इससे अमेरिका की समुद्री ताकत और मजबूत हो गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल आसान — विशेषज्ञ
लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट की सुरक्षा विशेषज्ञ रेबेका ग्रांट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के लिए अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण करना आसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में करीब 10 जहाजों की आवाजाही देखी गई, जिनमें एक रूसी टैंकर भी शामिल था। ग्रांट ने कहा, “अगर ईरान सख्त रुख अपनाता है, तो अमेरिकी नौसेना निगरानी बढ़ा देगी। फिर खार्ग द्वीप या ओमान के पास संकरे रास्तों से गुजरने के लिए अमेरिकी नौसेना की अनुमति लेनी पड़ सकती है।”
खार्ग द्वीप पर कब्जे का भी सुझाव
सेवानिवृत्त अमेरिकी जनरल जैक कीन ने सुझाव दिया कि अगर जंग फिर शुरू होती है, तो अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है या उसे तबाह कर सकता है। खार्ग द्वीप को ईरान की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन माना जाता है क्योंकि यहीं से तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा होता है। जनरल कीन ने न्यूयॉर्क पोस्ट में लिखा, “अगर हम खार्ग के बुनियादी ढांचे पर कब्जा कर लेते हैं, तो ईरान के तेल और अर्थव्यवस्था पर हमारी पकड़ मजबूत हो जाएगी। यह अंतिम दबाव होगा जिससे हम ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार पर भी नियंत्रण पा सकते हैं और परमाणु केंद्रों को खत्म कर सकते हैं।”

