Iran and US News: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले सकता है और हालात लंबी जंग की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। करीब एक महीने से ज्यादा समय तक चली सैन्य टकराव के बाद बीते सप्ताह दोनों देशों ने दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति जताई थी। इस दौरान पाकिस्तान में शांति वार्ता भी आयोजित की गई थी, लेकिन यह बातचीत सफल नहीं हो सकी। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से चरम पर पहुंच गया है।
एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नया हमला प्लान तैयार करते हुए ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का ऐलान किया है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने तेल को लेकर बड़ी चेतावनी जारी कर दी है। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने कहा कि अब लोगों को सस्ते पेट्रोल की याद आएगी और कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
ट्रंप की सख्ती पर ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की घोषणा के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी उपभोक्ताओं को चेतावनी दी।
उन्होंने लिखा, “मौजूदा पेट्रोल की कीमतों का आनंद लीजिए। इस नाकाबंदी के चलते जल्द ही आपको 4-5 डॉलर में मिलने वाले पेट्रोल की याद आएगी।”
कलीबाफ के इस बयान से आशंका बढ़ गई है कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट से तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इससे पहले से तेल और गैस संकट से जूझ रही दुनिया के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है। साथ ही वैश्विक महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
ट्रंप ने दिया समुद्री नाकाबंदी का आदेश
ईरान की यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रविवार को ट्रुथ सोशल पर किए गए पोस्ट के बाद आई है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को रोकना शुरू करेगा।
उन्होंने घोषणा की कि सोमवार शाम भारतीय समयानुसार 7:30 बजे से अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले सभी जहाजों को रोकेगी। इसे व्यापक समुद्री नाकाबंदी बताया गया, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमान ने भी कहा कि यह नाकाबंदी अरब सागर और ओमान की खाड़ी के आसपास स्थित ईरानी बंदरगाहों का इस्तेमाल करने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी।
ईरान के बहाने चीन पर भी दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका का यह कदम उन खबरों से जुड़ा है जिनमें दावा किया गया था कि खाड़ी के रणनीतिक तेल मार्ग से गुजरने वाले कुछ जहाज चीनी युआन में भुगतान कर रहे हैं।
इसे लंबे समय से चली आ रही पेट्रोडॉलर व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है। साथ ही इसे अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने का तरीका भी बताया जा रहा है।
इस तरह होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी का कदम उठाकर अमेरिका ने चीन और ईरान दोनों के प्रति अपना रुख और सख्त कर लिया है।
बढ़ सकता है वैश्विक संकट
अगर होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
- तेल की कीमतों में तेज उछाल
- वैश्विक महंगाई में बढ़ोतरी
- ऊर्जा संकट गहराने की आशंका
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर
मौजूदा हालात बताते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

