Big Update for Agniveers! : भारतीय सेना की भारतीय सेना में अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) के तहत भर्ती हुए जवानों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है।
साल 2022 में शुरू हुई इस योजना के पहले बैच का चार साल का सेवाकाल इस साल पूरा होने जा रहा है। जून–जुलाई के दौरान करीब 20 हजार से ज्यादा अग्निवीर सेना से सेवामुक्त होंगे।
25 फीसदी को मिलेगा स्थायी बनने का मौका
सेना के नियमों के मुताबिक, सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों में से करीब 25 फीसदी जवानों को उनकी Performance, दक्षता और परीक्षा के आधार पर स्थायी सैनिक के तौर पर दोबारा सेना में शामिल किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए कुछ सख्त शर्तें तय की गई हैं।
शादी पर सख्ती, अविवाहित रहना जरूरी
सेना ने साफ किया है कि स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया के दौरान अग्निवीरों का अविवाहित (Unmarried) रहना अनिवार्य होगा। नियमों के अनुसार, चार साल के सेवाकाल के दौरान कोई भी अग्निवीर विवाह नहीं कर सकता।
सेवामुक्ति के बाद भी इंतजार
इतना ही नहीं, चार साल पूरे होने के बाद सेवामुक्त होने पर भी जवान तुरंत शादी नहीं कर पाएंगे। जब तक स्थायी सैनिक बनने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और नतीजे घोषित नहीं हो जाते, तब तक उन्हें अविवाहित ही रहना होगा।
शादी की तो होंगे अयोग्य
अगर इस बीच कोई अग्निवीर विवाह करता है, तो उसे स्थायी सैनिक के पद के लिए अयोग्य माना जाएगा। ऐसे जवान चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।
उम्र और चयन प्रक्रिया का गणित
अग्निवीरों की भर्ती अधिकतम 21 साल की उम्र तक होती है और चार साल का कार्यकाल पूरा करने पर वे लगभग 25 साल की उम्र में सेवामुक्त होते हैं। इसके बाद स्थायी चयन की प्रक्रिया में करीब 4 से 6 महीने का समय लग सकता है।
सेना का तर्क क्या है
सेना का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने तक अनुशासन और सेवा शर्तों का पालन बेहद जरूरी है।
सिर्फ वही अग्निवीर स्थायी सैनिक बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने चार साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया हो और अविवाहित रहने की शर्त का पूरी तरह पालन किया हो।

