Controversy Intensifies over Venezuela Operation : वेनेजुएला में राष्ट्रपति Nicolás Maduro की गिरफ्तारी से जुड़े अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन (US Military Operation) को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस तेज हो गई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रसिद्ध जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट Ian Bremmer ने कड़ी चेतावनी दी है।
उनका कहना है कि यह कदम भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को तात्कालिक राजनीतिक फायदा दिला दे, लेकिन लंबे समय में अमेरिका को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय साख पर खतरा
इयान ब्रेमर के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से अमेरिका की वैश्विक साख, नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और उसके पारंपरिक सहयोगी देशों के साथ रिश्तों को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका जिस वैश्विक व्यवस्था को खुद खड़ा करने में आगे रहा, अब वही उससे पीछे हटता नजर आ रहा है।
‘G-Zero वर्ल्ड’ की ओर बढ़ती दुनिया
इंडिया टुडे को दिए Interview में ब्रेमर ने कहा कि 3 जनवरी को कराकस में हुआ यह ऑपरेशन उस दौर का संकेत है, जिसे वह ‘G-Zero वर्ल्ड’ कहते हैं। यानी एक ऐसी दुनिया, जहां कोई स्पष्ट वैश्विक नेतृत्व नहीं है।
उनके अनुसार, मौजूदा हालात में अमेरिका भी उस नेतृत्व की भूमिका से पीछे हटता दिख रहा है, जिसे उसने दशकों तक निभाया।
नियमों की जगह ताकत का इस्तेमाल
ब्रेमर का मानना है कि Washington अब नियम-कानून और गठबंधनों की बजाय कच्ची सैन्य ताकत को प्राथमिकता दे रहा है। वेनेजुएला में हुई कार्रवाई इसका ताजा उदाहरण है।
उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में इस तरह के और भी मामले सामने आ सकते हैं।
ट्रंप कारण नहीं, लक्षण हैं
Eurasia Group के प्रमुख ब्रेमर ने साफ कहा कि वैश्विक व्यवस्था में आ रहा यह बदलाव केवल ट्रंप की वजह से नहीं है। उनके शब्दों में, “ट्रंप इस समस्या का कारण नहीं, बल्कि इसके लक्षण हैं।”
उन्होंने बताया कि यह रुझान पिछले एक दशक से बन रहा है और Trump ने केवल इसे और तेज किया है।
अमेरिकी दावों पर खड़े हुए सवाल
ब्रेमर ने कहा कि Venezuela में अमेरिकी कार्रवाई ने अमेरिका के उस दावे को कमजोर किया है, जिसमें वह खुद को नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था का रक्षक बताता है। इस ऑपरेशन के लिए न तो अमेरिकी संसद को भरोसे में लिया गया और न ही सहयोगी देशों से कोई ठोस चर्चा हुई।
रूस, चीन और ईरान की चुप्पी क्या बताती है
उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि रूस, चीन और ईरान जैसे देशों की ओर से इस कार्रवाई पर कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं आई।
ब्रेमर के मुताबिक, यह अमेरिका की सैन्य ताकत और उसके प्रभाव का संकेत है, न कि उसकी नैतिक बढ़त का।
अल्पकालिक फायदा, दीर्घकालिक नुकसान
ब्रेमर ने इसे Trump के लिए अल्पकालिक रणनीतिक जीत बताया, लेकिन साथ ही कहा कि इससे अमेरिका की दीर्घकालिक स्थिति कमजोर होगी।
कानून का शासन, भरोसेमंद गठबंधन और संस्थागत संतुलन अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं, और इन्हें कमजोर करना अंततः उसी के लिए नुकसानदेह साबित होगा।
वेनेजुएला पर शासन की बात, लेकिन कोई ठोस योजना नहीं
जब उनसे ट्रंप के उस बयान पर सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि America Venezuela चलाएगा, तो ब्रेमर ने इसे ‘सत्ता का जुआ’ करार दिया। उनके मुताबिक, अमेरिका के पास वहां शासन को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है।
असल संदेश बस इतना है कि भविष्य में वेनेजुएला का नेतृत्व रूस और ईरान से दूरी बनाकर अमेरिका की शर्तें माने।
तेल कंपनियों के लिए बढ़ा जोखिम
अंत में Bremmer ने चेतावनी दी कि वेनेजुएला के तेल भंडार पर नजर रखने वाली कंपनियों के लिए वहां निवेश करना फिलहाल जोखिम भरा है।
मौजूदा समय में वेनेजुएला का तेल उत्पादन करीब आठ लाख बैरल प्रतिदिन है, जो पहले के मुकाबले काफी कम है।
उनके अनुसार, बड़े निवेश के लिए लंबे समय की राजनीतिक स्थिरता जरूरी है, और ट्रंप के सीमित कार्यकाल को देखते हुए इस पर भरोसा करना कंपनियों के लिए आसान नहीं होगा।

