Stock Market News: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरे का असर शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर हमले की खबर के बाद पूरे मार्च महीने में ज्यादातर दिनों शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। इस दौरान निवेशकों की गाढ़ी कमाई पर बड़ा असर पड़ा। बाजार में लगातार गिरावट के बीच निवेशकों के मन में सवाल है कि आखिर इस समय पैसा कहां लगाएं और क्या रणनीति अपनाएं।
नितिन कामथ बोले – भविष्यवाणी करना मुश्किल
शेयर ब्रोकिंग फर्म जेरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामथ ने इस अनिश्चित माहौल में निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ऐसे समय में बाजार की दिशा का अनुमान लगाना लगभग असंभव है।
उन्होंने कहा कि कोई भी यह नहीं बता सकता कि कौन-सा एसेट क्लास बेहतर प्रदर्शन करेगा। ऐसे में ज्यादातर निवेशकों के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि वे अपने निवेश को अलग-अलग जगहों पर बांटें और बाजार में बने रहें।
अभी मुनाफा नहीं, टिके रहना ज्यादा जरूरी
नितिन कामथ ने कहा कि मौजूदा हालात में निवेशकों का पहला लक्ष्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि बाजार में टिके रहना होना चाहिए। उनके मुताबिक कठिन समय में वही निवेशक सफल होते हैं जो घबराकर बाजार से बाहर नहीं निकलते।
शेयर, डेट और गोल्ड में संतुलन जरूरी
नितिन कामथ ने अपनी पोस्ट में पिछले दो साल के एसआईपी रिटर्न का चार्ट भी साझा किया। इसमें बताया गया कि शेयर, डेट और गोल्ड का संतुलित पोर्टफोलियो जोखिम को कम करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में अस्थिरता बढ़ी है। ऐसे में विविधता वाला पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बन सकता है।
वैश्विक बाजार पर एक व्यक्ति का असर
जेरोधा फाउंडर ने अपनी एक अन्य पोस्ट में कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक वित्तीय बाजार बेहद संवेदनशील हो गया है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि आज पूरा वैश्विक बाजार किसी एक व्यक्ति के फैसलों से प्रभावित होता नजर आता है।
इस सप्ताह कम दिन होगा कारोबार
मंगलवार को महावीर जयंती के कारण शेयर बाजार बंद रहा। पिछले सप्ताह रामनवमी की छुट्टी के कारण चार दिन ट्रेडिंग हुई थी। वहीं इस सप्ताह 3 अप्रैल को भी छुट्टी है, ऐसे में केवल तीन दिन ही बाजार में कारोबार होगा।

