चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को चुनाव खर्च का ब्यौरा समय पर देने का निर्देश दिया

Election Commission of India : विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को चुनावी खर्च से जुड़े नियमों का पालन करने की सख्त याद दिलाई है।

आयोग ने सभी दलों से कहा है कि वे चुनाव समाप्त होने के निर्धारित समय के भीतर अपने चुनाव खर्च (Election Expenses) और उम्मीदवारों को दी गई एकमुश्त राशि का पूरा विवरण जमा करें।

पारदर्शिता पर जोर

चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि सभी दल अपने चंदे और खर्च का सही विवरण दें। इसमें उम्मीदवारों को दी गई वित्तीय सहायता का Record भी शामिल होगा।

आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी दल द्वारा दी गई जानकारी में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पहले से तय नियमों का हवाला

Election Commission ने सभी राष्ट्रीय, राज्य मान्यता प्राप्त और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भेजे पत्र में बताया कि यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 2001 में तय की गई थी। इसमें समय-समय पर 2004, 2009, 2013 और 2022 में संशोधन किया गया है।

नियमों के अनुसार, हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद सभी दलों को 75 से 90 दिनों के भीतर अपने चुनाव खर्च का विवरण जमा करना अनिवार्य है।

अलग-अलग स्तर पर रिपोर्टिंग

आयोग ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दलों को अपना खर्च विवरण सीधे चुनाव आयोग को देना होगा, जबकि गैर-मान्यता प्राप्त दलों को यह रिपोर्ट संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी।

इसके अलावा, सभी दलों को चुनाव खत्म होने के 30 दिनों के भीतर आंशिक चुनाव खर्च का ब्यौरा भी देना होगा, जिसमें उम्मीदवारों को दी गई राशि का विवरण शामिल रहेगा।

नियमों का उल्लंघन पर कार्रवाई

चुनाव आयोग ने कहा कि कई मामलों में जमा किए गए खर्च विवरणों में गड़बड़ी और असंगति पाई गई है। इसलिए, अब सख्ती से निगरानी की जाएगी और नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश

आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों को इस नियम की जानकारी दें और इसका पालन सुनिश्चित कराएं।

राज्यों में चुनावी स्थिति

हाल ही में असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव एक चरण में संपन्न हुए हैं। असम में लगभग 85.38 प्रतिशत, केरल में 78.03 प्रतिशत और पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में और तमिलनाडु में एक चरण में होंगे। पश्चिम बंगाल में मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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