LPG Cylinder Price hike: तेल कंपनियों ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। करीब एक साल बाद 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बार घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा हो गया है। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर नए रेट अपडेट कर दिए गए हैं और ये तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
होर्मुज मार्ग बंद होने से बढ़ी चिंता
भारत अपनी गैस सप्लाई का करीब 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते लाता है। ऐसे में इस मार्ग के बंद होने की खबरों ने ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अचानक हुई कीमत बढ़ोतरी को सरकार की एहतियाती तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है, ताकि गैस का पर्याप्त भंडार बना रहे।
गैस रिजर्व को लेकर भी चर्चा
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भारत के पास LPG का रिजर्व करीब 12 दिनों का ही बचा है। इसके बाद सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि गैस उत्पादन को अधिकतम किया जाए, ताकि सप्लाई में कोई बाधा न आए। देश में फिलहाल करीब 33.2 करोड़ सक्रिय LPG उपभोक्ता हैं।
इस बीच कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। उनका कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो गैस की कीमतों में भी आगे और बढ़ोतरी हो सकती है।
दिल्ली से चेन्नई तक बढ़े दाम
नई कीमतों के बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू LPG सिलेंडर 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है। कोलकाता में इसकी कीमत 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गया है।
कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा
19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत भी 115 रुपये बढ़ा दी गई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 1883 रुपये हो गई है, जबकि मुंबई में यह 1835 रुपये हो गई है। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये पहुंच गया है। चेन्नई में इसकी कीमत अब 2043.50 रुपये हो गई है। कमर्शियल गैस महंगी होने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस पर पड़ सकता है।
आमतौर पर LPG सिलेंडर की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को बदली जाती हैं, लेकिन इस बार 7 मार्च को ही दाम बढ़ा दिए गए। माना जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और गैस सप्लाई पर असर की आशंका के कारण यह फैसला लिया गया है।

