13 साल से कोमा में थे हरीश राणा, इच्छामृत्यु से पहले का Video वायरल

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी हरीश राणा का एक भावुक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब उन्हें सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद इच्छामृत्यु की प्रक्रिया के लिए दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाने से पहले परिवार के बीच रखा गया था।

करीब 13 वर्षों से वे वेजिटेटिव स्टेट यानी कोमा जैसी अवस्था में जीवन जी रहे थे। वीडियो में वह बिस्तर पर लेटे नजर आते हैं और कमरे में मौजूद परिवार के सदस्य और आध्यात्मिक बहनें उनके पास खड़ी दिखाई देती हैं।

आंखों में जैसे कोई कहानी

करीब 21 सेकंड के इस वीडियो में हरीश राणा की आंखें कई बार हल्की-हल्की झपकती दिखाई देती हैं। ऐसा लगता है जैसे वह कुछ कहना चाहते हों, लेकिन शब्द बाहर नहीं आ पा रहे हों।
वीडियो देखने वाले कई लोगों का कहना है कि उनकी आंखों में जैसे कोई अनकही कहानी झलक रही थी और वह आसपास की बातों को महसूस कर रहे थे।

माथे पर चंदन और प्रार्थना

वीडियो में आध्यात्मिक वेशभूषा में आईं ब्रह्माकुमारी बहनें उनसे धीरे-धीरे बात करती नजर आती हैं। एक बहन शांत स्वर में कहती है कि सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए आगे बढ़ो।

इसके बाद उनके माथे पर चंदन का तिलक लगाया जाता है और उनके लिए प्रार्थना की जाती है। उस समय कमरे में मौजूद सभी लोग बेहद भावुक नजर आते हैं।

एम्स ले जाने से पहले का वीडियो

जानकारी के अनुसार यह वीडियो उस दिन का है जब हरीश राणा को गाजियाबाद से दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) में शिफ्ट किया जाना था।

बताया जाता है कि राणा परिवार कई वर्षों से ब्रह्माकुमारी केंद्र से जुड़ा हुआ है। इसी क्रम में 13 मार्च 2026 को साहिबाबाद के मोहन नगर स्थित प्रभु मिलन भवन से कुछ आध्यात्मिक बहनें उनके घर पहुंची थीं।

13 वर्षों से चल रही थी सेवा

हरीश राणा की जिंदगी करीब 13 साल पहले बदल गई थी, जब वह एक इमारत की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इस हादसे के बाद वह कोमा जैसी अवस्था में चले गए और कभी सामान्य रूप से खड़े नहीं हो पाए।

इन वर्षों में उनके पिता अशोक राणा और परिवार के अन्य सदस्यों ने लगातार उनकी देखभाल की। दवाइयों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक परिवार ही सब कुछ संभालता रहा।

सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद नया मोड़

हाल ही में Supreme Court of India ने उन्हें निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में धीरे-धीरे लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।

पड़ोसी भी हुए भावुक

राजनगर एक्सटेंशन की जिस सोसाइटी में राणा परिवार रहता है, वहां के लोग भी इस घटना से भावुक हैं। पड़ोसियों का कहना है कि इतने वर्षों तक जिस समर्पण से परिवार ने हरीश राणा की सेवा की, वह अपने आप में एक मिसाल है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर कई लोगों ने लिखा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि परिवार के धैर्य, सेवा और संवेदनाओं की भी कहानी है।

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