लेबनान पर फिर बरसे इजरायली हमले, ताबड़तोड़ गोलाबारी से बढ़ा तनाव, क्या खतरे में है सीजफायर?

Israel and Lebanon Attack: लेबनान में सीजफायर की उम्मीदों के बीच इजरायल ने हमले और तेज कर दिए हैं। एक तरफ दुनिया अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद शांति की उम्मीद कर रही थी, लेकिन दूसरी ओर इजरायल ने लेबनान में ताबड़तोड़ मिसाइल और तोपों से हमले शुरू कर दिए हैं।

रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही गोलाबारी ने शांति की कोशिशों को झटका दिया है और पूरे लेबनान में दहशत का माहौल बन गया है।

दक्षिणी लेबनान में भारी गोलाबारी, लोग दहशत में

ताजा जानकारी के मुताबिक दक्षिणी लेबनान के कई रिहायशी इलाकों में इजरायली तोपखाने से लगातार गोलाबारी की जा रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार काफर रूमान, काफर तिबनीत और हब्बूश जैसे कस्बों को सीधे निशाना बनाया गया है।

इसके अलावा रसिया अल-फखर के बाहरी इलाकों में भी लगातार गोले दागे जा रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में हैं और अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर भाग रहे हैं।

10 मिनट में 100 ठिकानों पर हमला, 300 से ज्यादा मौतें

इससे पहले बुधवार को इजरायल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हमला किया था। महज 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की गई।

इस हमले में मरने वालों की संख्या 303 तक पहुंच गई है, जबकि 1150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मरने वालों में 110 से ज्यादा बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। इन हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

बेरूत के अस्पतालों में डरावना मंजर

राजधानी बेरूत के अस्पतालों में हालात बेहद खराब हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक हमलों के बाद अस्पताल किसी आपदा केंद्र जैसे नजर आने लगे। महज एक घंटे के भीतर 76 घायल अस्पताल पहुंच गए। इनमें बड़ी संख्या बच्चों की थी। कुछ बच्चों की उम्र तो कुछ हफ्तों की ही बताई जा रही है। धमाके इतने तेज थे कि कई इमारतें ढह गईं। मलबे में दबने से लोगों को गंभीर चोटें आईं और कई लोगों की हड्डियां टूट गईं।

स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई, दवाओं की कमी

लेबनान रेड क्रॉस के अध्यक्ष डॉ. एंटोनी ज़ोग्बी ने कहा कि यह ऐसी जंग बन गई है जिसमें कोई नियम नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों पर बिना चेतावनी के हमले किए जा रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। हमलों के कारण देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। अस्पतालों में दवाओं और बिजली की भारी कमी हो गई है।

WHO की चेतावनी, हालात और बिगड़ सकते हैं

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी है कि अगर हमले जल्द नहीं रुके, तो घायलों के इलाज के लिए दवाएं भी कम पड़ जाएंगी।

सीजफायर की उम्मीदों के बीच बढ़ती हिंसा ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या हालात संभलेंगे या फिर यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।

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