Jharkhand Treasury Scam: झारखंड में सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से वेतन निकासी के मामले को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यभर में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, लंबे समय से एक ही पद पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
सरकार ने इस मामले में गृह विभाग और Police को भी शामिल किया है, जिससे साफ है कि इसे अब आपराधिक मामला मानकर जांच की जाएगी। अधिकारियों के बीच इस फैसले से हलचल मच गई है।
पलामू में भी जांच के निर्देश
बोकारो और हजारीबाग के बाद अब पलामू जिले में भी जांच के आदेश दिए गए हैं। वित्त मंत्री ने पलामू के उपायुक्त को जल्द से जल्द जांच कर Report सौंपने को कहा है। यह मामला तब सामने आया जब प्रधान महालेखाकार की Audit Report में गड़बड़ी के संकेत मिले। शुरुआती जांच में बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से फर्जी निकासी की पुष्टि हो चुकी है।
जिम्मेदारी तय होगी
वित्त मंत्री ने कहा कि ट्रेजरी कोड के अनुसार निकासी की पूरी जिम्मेदारी डीडीओ (Drawing and Disbursing Officer) की होती है। ऐसे में अब तक इस स्तर पर कार्रवाई नहीं होना गंभीर बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
लंबे समय से जमे कर्मचारियों पर नजर
सरकार ने इस घोटाले के पीछे एक ही जगह पर लंबे समय से तैनात कर्मचारियों के Network को अहम कारण माना है। वित्त मंत्री ने गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि ऐसे लेखापाल और बिल क्लर्क की सूची तैयार की जाए, जो वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वित्त विभाग के उस नियम का सख्ती से पालन किया जाए, जिसमें तीन साल से अधिक समय तक एक ही पद पर तैनात कर्मचारियों का तबादला अनिवार्य है।

