Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने विधानसभा और नए हाईकोर्ट परिसर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर धरना-प्रदर्शन के कारण उत्पन्न यातायात समस्या को गंभीरता से लिया है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस Mahesh Sharad Chandra Sonak और जस्टिस Rajesh Shankar की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह के प्रदर्शन के कारण सड़क जाम नहीं होना चाहिए और आम लोगों के आवागमन में बाधा नहीं आनी चाहिए।
अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। धरना-प्रदर्शन का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन इससे आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बैरिकेडिंग से बढ़ी समस्या
याचिकाकर्ता संस्था ‘साइन सिटी’ की ओर से अदालत को बताया गया कि योगदा सत्संग महाविद्यालय परिसर के पास सरकार ने बैरिकेडिंग कर दी है। इसके कारण प्रदर्शनकारी उसी स्थान पर धरना देने लगते हैं। इससे साइन सिटी और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाला रास्ता अक्सर बंद हो जाता है और जाम की स्थिति बन जाती है।
हाईकोर्ट और विधानसभा जाने वालों को दिक्कत
याचिका में कहा गया कि इस सड़क का इस्तेमाल हाईकोर्ट और विधानसभा जाने वाले लोग भी करते हैं, जिससे उन्हें भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

