Clashed with Judge in Court Apologizes : झारखंड हाईकोर्ट के जज से Court Room में तीखी बहस करने वाले अधिवक्ता महेश तिवारी ने मंगलवार को High Court की पूर्णपीठ के सामने अपने व्यवहार के लिए माफी मांग ली।
इसके बाद चीफ जस्टिस एमएस सोनक समेत 5 जजों की पीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया।
हाईकोर्ट ने खुद शुरू किया था अवमानना केस
High Court ने इस पूरे मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए महेश तिवारी के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज किया था और सुनवाई के लिए विशेष पूर्णपीठ गठित की थी।
कोर्ट ने वकील से जवाब भी मांगा था, जिसके बाद उन्होंने Supreme Court का दरवाजा खटखटाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
Supreme Court ने मामले की सुनवाई करते हुए महेश तिवारी को वापस Jharkhand High Court जाने को कहा था।
शीर्ष अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि अगर वकील माफी मांगते हैं तो हाईकोर्ट को सहानुभूति से विचार करना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था।
पहले अकड़े थे, अब बदला रुख
इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत में विवाद से जुड़ा वीडियो भी दिखाया गया था। तब चीफ जस्टिस के सवाल पर महेश तिवारी ने साफ कहा था कि उन्होंने जो बोला, पूरी समझ-बूझ के साथ बोला और उन्हें कोई पछतावा नहीं है।
इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें अवमानना का नोटिस जारी किया था और तीन हफ्ते में जवाब मांगा था।
विवाद कैसे शुरू हुआ था?
पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब Jharkhand High Court में जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में सुनवाई के दौरान महेश तिवारी की जज से तीखी और आपत्तिजनक बहस हो गई थी।
इसी घटना को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने पूर्णपीठ गठित कर सुनवाई की।

