Palamu : बैरिया चौक पर हुआ LPG सिलेंडर ब्लास्ट अब सिर्फ एक हादसा नहीं रह गया है। जांच में जो बातें सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि यह मामला अवैध गैस कारोबार, लापरवाही और सिस्टम की बड़ी चूक से जुड़ा हुआ है। इस हादसे में चार लोग बुरी तरह झुलस गए, लेकिन इसके पीछे की कहानी और भी गंभीर है।
रिहायशी इलाके में चल रहा था अवैध गैस गोदाम
जांच में खुलासा हुआ है कि जिस घर में ब्लास्ट हुआ, वहां अवैध तरीके से गैस सिलेंडर का भंडारण किया जा रहा था। मिली जानकारी के अनुसार पांडू थाना क्षेत्र में चलने वाली गैस एजेंसी का स्टॉक मेदिनीनगर में लाकर रखा गया था और यहीं से कालाबाजारी की जा रही थी। रिहायशी इलाके में इस तरह गैस का गोदाम चलना सीधे-सीधे लोगों की जान के साथ खिलवाड़ था।
एजेंसी मालिक पर केस दर्ज
इस पूरे मामले में गैस एजेंसी के मालिक अजय कुमार साहू के खिलाफ बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बीडीओ जागो महतो के आवेदन पर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बरामदगी के बाद भी 36 सिलेंडर गायब
प्रशासन की टीम ने जब मौके की जांच की तो वहां से 5 भरे हुए, 35 खाली और 21 कमर्शियल सिलेंडर बरामद किए गए। लेकिन जांच के दौरान यह बात सामने आई कि करीब 36 सिलेंडर मौके से गायब हैं। इससे शक और गहरा गया है कि हादसे के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई है।
FSL जांच और लाइसेंस रद्द की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल से सैंपल जुटाए हैं, ताकि ब्लास्ट के असली कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में गैस एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश कर दी है।

