Dishom Guru’s Birth Anniversary: दिशोम गुरु शिबू सोरेन (Shibu Soren) की 82वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) और विधायक कल्पना सोरेन रांची के चेशायर होम रोड स्थित Cheshire Home पहुंचे।
यहां उन्होंने दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे सरल और आत्मीय बातचीत की तथा उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच कंबल सहित जरूरी सामग्री का वितरण भी किया।
गुरुजी के विचार आज भी दिखाते हैं राह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह पहली बार है जब दिशोम गुरु Shibu Soren की जयंती उनके बिना मनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि गुरुजी का पूरा जीवन संघर्ष, त्याग और बलिदान का प्रतीक रहा है। अलग राज्य के सपने को साकार करने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
वे हमेशा कमजोर, पिछड़े और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम करते रहे और उनके विचार आज भी सभी को दिशा देते हैं।
चेशायर होम से पुराना भावनात्मक जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने चेशायर होम के साथ अपने भावनात्मक रिश्ते का जिक्र करते हुए बताया कि वे पहले भी कई बार यहां आते रहे हैं। उन्होंने संस्था की साफ-सुथरी व्यवस्था और यहां काम करने वाले सदस्यों के समर्पण की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के दिव्यांग बच्चों में गजब की प्रतिभा, आत्मविश्वास और अंदरूनी ताकत है, जो किसी से कम नहीं है।
सरकार देगी हरसंभव सहयोग
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार चेशायर होम को हर संभव सहायता देती रहेगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए लगातार सार्थक कदम उठा रही है। अंत में उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विधायक कल्पना सोरेन ने भी बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम में विधायक Kalpana Soren ने भी बच्चों से बातचीत की और संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज के लिए प्रेरणा हैं और जरूरतमंदों को नया आत्मविश्वास देते हैं।

