West Asia crisis is as big a threat as Corona : पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को एक बड़ा और अप्रत्याशित वैश्विक संकट (Unexpected Global Crisis) बताया है।
उन्होंने कहा कि इसका असर लंबे समय तक पूरी दुनिया और भारत पर पड़ सकता है, इसलिए देशवासियों को एकजुट होकर इसका सामना करना होगा, जैसा कोरोना महामारी के दौरान किया गया था।
लोकसभा में अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन भारत सरकार पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य में आ रही दिक्कतों के बावजूद सरकार लगातार निगरानी रखे हुए है।
PM ने बताया कि भारत ने पहले से ही कच्चे तेल का बड़ा भंडार तैयार किया है और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे के विद्युतीकरण, Metro Network और Electric बसों जैसे कदम भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस संकट का असर व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, क्योंकि पश्चिम एशिया भारत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। अब तक लाखों भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
PM ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। खाद, बीज और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि खेती पर असर न पड़े।
कूटनीति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत शुरू से ही शांति का समर्थक रहा है। उन्होंने विभिन्न देशों के नेताओं से बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की है। उनका कहना है कि इस समस्या का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।
साथ ही, सरकार ने सुरक्षा के सभी मोर्चों तटीय, सीमा और साइबर पर सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य सरकारों को कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
PM ने अंत में कहा कि अगर देशवासी एकजुट रहेंगे, तो भारत हर चुनौती का मजबूती से सामना कर सकेगा।

