Ranchi : झारखंड में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET की नई नियमावली को अंतिम रूप देने की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि 31 मार्च तक इस नियमावली को फाइनल कर दिया जाए। भाषा से जुड़े कुछ बिंदुओं पर कार्मिक विभाग से राय मांगी गई थी, जिसके बाद अब परीक्षा का नया कोर्स भी तैयार कर लिया गया है। JCERT ने JTET का नया सिलेबस तैयार कर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को सौंप दिया है। इस नई नियमावली में परीक्षा के पैटर्न और कठिनाई स्तर में भी कुछ अहम बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों के विरोध के बाद बना फैसला
दरअसल, JTET के लिए साल 2024 में ही आवेदन लिए गए थे। इसके बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा के सिलेबस और प्रश्नों के कठिनाई स्तर को लेकर विरोध जताया था। उनका कहना था कि सिलेबस जरूरत से ज्यादा कठिन है और इस तरह का पैटर्न ना तो सीटेट में है और ना ही दूसरे राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में। इस विरोध को देखते हुए राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने पूरे मामले की समीक्षा की और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। उसी रिपोर्ट के आधार पर अब नियमावली में बदलाव करने का फैसला लिया गया है।
अब आसान होगा प्रश्नों का स्तर
नई व्यवस्था के तहत कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 के लिए होने वाली परीक्षा में प्रश्नों की कठिनाई का स्तर कम किया जा रहा है। पहले की व्यवस्था में कक्षा 1 से 5 के लिए इंटर (10+2) स्तर तक के प्रश्न पूछे जाते थे, जबकि कक्षा 6 से 8 के लिए स्नातक स्तर तक के प्रश्न होते थे। अब इसमें बदलाव करते हुए यह तय किया गया है कि…
- कक्षा 1 से 5 के लिए प्रश्नों की कठिनाई का स्तर मैट्रिक या समकक्ष रखा जाएगा।
- कक्षा 6 से 8 के लिए प्रश्नों की कठिनाई का स्तर इंटर या समकक्ष होगा।
हालांकि सवाल उसी सिलेबस से पूछे जाएंगे जो राज्य सरकार द्वारा तय किए गए पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
पासिंग नियमों में भी मिला अभ्यर्थियों को फायदा
नई नियमावली में पासिंग सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अभी तक परीक्षा पास करने के लिए अभ्यर्थियों को कुल अंक के साथ-साथ हर विषय में अलग-अलग न्यूनतम अंक लाना जरूरी होता था।
मौजूदा नियम के मुताबिक :
- सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को हर विषय में 40% और कुल मिलाकर 60% अंक लाने होते थे।
- अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को हर विषय में 35% और कुल मिलाकर 55% अंक लाना जरूरी था।
लेकिन अब इस व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है। नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों को हर विषय में अलग-अलग पास होने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें सिर्फ ओवरऑल कट-ऑफ हासिल करना होगा।
नई व्यवस्था में पासिंग मार्क्स
नई नियमावली के अनुसार :
- सामान्य वर्ग और EWS के अभ्यर्थियों को कुल मिलाकर 60% अंक लाने होंगे।
- अन्य वर्गों के अभ्यर्थियों को कुल मिलाकर 55% अंक लाने होंगे।
अगर अभ्यर्थी यह ओवरऑल कट-ऑफ हासिल कर लेते हैं, तो उन्हें परीक्षा में पास माना जाएगा।
जल्द फाइनल होगा नियमावली का ड्राफ्ट
JCERT और शिक्षा विभाग अब नियमावली के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। अधिकारियों के मुताबिक हर जरूरी बिंदु पर बारीकी से विचार किया जा रहा है, ताकि परीक्षा व्यवस्था साफ और अभ्यर्थियों के लिए संतुलित रहे।

