NSUI Organised a Public Protest March : झारखंड में छात्र-छात्राओं को पिछले लगभग दो वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिलने का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है।
पढ़ाई के साथ आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे छात्र अब खुलकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसी कड़ी में छात्र संगठन NSUI ने केंद्र सरकार के खिलाफ जन आक्रोश मार्च का आयोजन किया।
मोरहाबादी मैदान से लोक भवन तक मार्च
यह जन आक्रोश मार्च मोरहाबादी मैदान (Morabadi Ground) से शुरू होकर लोक भवन तक पहुंचा। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।
छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और जल्द छात्रवृत्ति जारी करने की मांग की। पूरे रास्ते छात्रों में गुस्सा और नाराजगी साफ नजर आई।
केंद्र सरकार पर फंड नहीं देने का आरोप
छात्र संगठनों का कहना है कि छात्रवृत्ति की राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती हैं। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा करीब 60 प्रतिशत होता है।
आरोप है कि केंद्र सरकार यह राशि झारखंड को नहीं भेज रही है। इसी वजह से राज्य सरकार भी छात्रवृत्ति की रकम छात्रों को नहीं दे पा रही है।
राजनीतिक भेदभाव का लगाया आरोप
NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
उनका कहना है कि राज्य में केंद्र की पार्टी की सरकार नहीं है, इसलिए Fund रोककर भेदभाव किया जा रहा है। इस मार्च में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक बंधु तिर्की भी शामिल हुए।
नेताओं ने छात्रों का बढ़ाया हौसला
केशव महतो कमलेश ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को उसका हक का पैसा नहीं दे रही है। इसी कारण वे छात्रों के साथ लोक भवन के घेराव में शामिल हुए हैं।
वहीं, बंधु तिर्की ने कहा कि वर्ष 2022 से छात्रों को छात्रवृत्ति (Scholarship) नहीं मिली है। जब तक केंद्र से राशि नहीं आती, तब तक ट्रेजरी कोड के अनुसार राज्य सरकार भी भुगतान नहीं कर सकती।
राज्यपाल से मिलने की तैयारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ NSUI के प्रतिनिधि राज्यपाल के सामने अपनी बात रखने वाले हैं। नेताओं का कहना है कि SC-ST छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और इसे उजागर किया जाएगा।
इससे पहले अल्पसंख्यक मंत्री चमरा लिंडा ने समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ऐसे में छात्र संगठनों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

