Supreme Court India : सुप्रीम कोर्ट (SC) ने शुक्रवार को पंजाब के निलंबित पुलिस अधिकारी और DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। यह मामला भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
SC की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल थे, ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने कहा कि यदि दो महीने के भीतर इस मामले का ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो आरोपी राहत के लिए फिर से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता Mukul Rohatgi ने भुल्लर की ओर से दलील दी कि वह पहले ही छह महीने से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट और Supplementary Charge Sheet भी दाखिल हो चुकी है, इसलिए उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला ट्रैप (रंगे हाथ पकड़ने) का नहीं है और उनके मुवक्किल के विदेश भागने की कोई संभावना नहीं है। बचाव पक्ष ने आरोपों को कमजोर और संदिग्ध बताया।
कोर्ट का फैसला
Supreme Court ने कहा कि फिलहाल जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। लेकिन अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अगर दो महीने में ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो आरोपी दोबारा हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर सकते हैं, जिस पर गुण-दोष के आधार पर विचार किया जाएगा।
पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत
इससे पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने फरवरी में भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने भी 2 जनवरी 2026 को उनकी जमानत अर्जी नामंजूर कर दी थी।
मामला क्या है
हरचरण सिंह भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था। उन पर बिचौलियों के माध्यम से रिश्वत लेने का आरोप है।

