New Delhi : देश की 16वीं जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस बार जनगणना में कुछ नए सामाजिक बदलावों को भी शामिल किया है। पहले चरण को “हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO)” कहा जा रहा है। सरकार के अनुसार, यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है और खुद को स्थायी साथी मानता है, तो उन्हें जनगणना में विवाहित दंपत्ति की श्रेणी में रखा जाएगा।
पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया
इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी। डेटा एक मोबाइल ऐप के जरिए इकट्ठा किया जाएगा, जिससे नतीजे जल्दी जारी हो सकेंगे। खास बात यह है कि लोगों से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
जनगणना दो चरणों में होगी।
- पहला चरण : मकानों और सुविधाओं की जानकारी (HLO)
- दूसरा चरण : जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी
जाति से जुड़ा डेटा दूसरे चरण में
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जाति से संबंधित जानकारी दूसरे चरण में जुटाई जाएगी। पहले चरण में केवल एससी/एसटी श्रेणी पूछी जाएगी।
33 सवालों में जुटेगी जानकारी
पहले चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं :
- मकान की बनावट और स्थिति
- परिवार के सदस्यों की संख्या और विवरण
- घर का स्वामित्व और कमरों की संख्या
- मोबाइल नंबर (सिर्फ आधिकारिक संपर्क के लिए)
- पानी, बिजली, शौचालय जैसी सुविधाएं
- खाना बनाने का ईंधन और उपयोग होने वाला अनाज
- टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, स्मार्टफोन और वाहन जैसी सुविधाएं
डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा
जनगणना आयुक्त ने कहा है कि सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। जनगणना अधिनियम के तहत यह डेटा किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा और न ही अदालत में सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

