Justice LPN Shahdeo Death Anniversary : झारखंड अलग राज्य आंदोलन के प्रमुख योद्धा और धरतीपुत्र जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव की पुण्यतिथि (Death Anniversary) के अवसर पर शनिवार को रांची के शाहदेव चौक स्थित उनकी प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में BJP के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए और जस्टिस शाहदेव के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
नेताओं ने माल्यार्पण कर किया नमन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में BJP प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जस्टिस शाहदेव के चित्र पर माल्यार्पण किया।
इस मौके पर BJP के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
आंदोलन को नई दिशा देने वाले नेता थे जस्टिस शाहदेव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने कहा कि जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव ने अपना पूरा जीवन झारखंड की मिट्टी और यहां के लोगों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने अलग झारखंड राज्य की मांग को एक मजबूत दिशा दी और आदिवासी तथा मूलवासी समाज के लिए इसे एक बड़े जनआंदोलन का रूप दिया।
मरांडी ने बताया कि न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्ति के बाद भी जस्टिस शाहदेव आंदोलन में पूरी ताकत से जुटे रहे और गिरफ्तारी देने से भी पीछे नहीं हटे।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं उनका संघर्ष
Babulal Marandi ने आगे कहा कि जस्टिस शाहदेव का जीवन संघर्ष, त्याग और सिद्धांतों का उदाहरण है।
झारखंड के युवाओं को उनके विचारों और संघर्षों से सीख लेनी चाहिए, ताकि वे राज्य निर्माण के उद्देश्य और उसकी मूल भावना को समझ सकें।
वहीं, BJP के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू ने कहा कि जस्टिस शाहदेव एक विकसित और आत्मनिर्भर झारखंड का सपना देखते थे।
उनका योगदान केवल आंदोलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने झारखंडी पहचान और अस्मिता को मजबूत किया।
ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद
कार्यक्रम के दौरान मौजूद अन्य नेताओं ने भी जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव के संघर्षों और योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है और आने वाली पीढ़ियां उन्हें हमेशा सम्मान और स्मरण के साथ याद रखेंगी।

