West Bengal Election : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मछली को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। PM मोदी ने गुरुवार को एक जनसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार अपने लंबे कार्यकाल में लोगों को पर्याप्त मछली तक उपलब्ध नहीं करा पाई।
PM ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में मछली उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पश्चिम बंगाल में गलत नीतियों के कारण उत्पादन घटा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर BJP सत्ता में आती है तो मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
TMC प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और अन्य नेताओं द्वारा बार-बार यह आरोप लगाया जाता रहा है कि भाजपा के सत्ता में आने पर बंगाल में मछली और मांस खाने की परंपरा प्रभावित होगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह डर फैलाने की राजनीति है और असल में राज्य सरकार की नीतियों के कारण ही लोगों को परेशानी हो रही है।
प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना से मछली उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने इसे ठीक से लागू नहीं किया। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उत्पादन बढ़ा है और अब वह अन्य राज्यों को मछली भेज रहा है।
आसनसोल और हल्दिया में हुई रैलियों में प्रधानमंत्री मोदी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी TMC सरकार को घेरा। उन्होंने “माफिया राज” और “गुंडा राज” का आरोप लगाते हुए कहा कि BJP की सरकार बनने पर सभी गलत कामों का हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने “सबका साथ, सबका हिसाब” का नया नारा भी दिया।
बीरभूम में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य में बम बनाने की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि यह एक तरह का “छोटा उद्योग” बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अन्य उद्योग बंद हो रहे हैं, जबकि अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं।
इसके अलावा, उन्होंने रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी TMC सरकार को घेरा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां भाजपा शासित राज्यों में रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं बंगाल में नौकरी घोटाले सामने आ रहे हैं।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को भी अहम मुद्दा बताते हुए कहा कि यह चुनाव राज्य को भयमुक्त बनाने के लिए है। उन्होंने मतदाताओं से बदलाव का आह्वान किया और आरोप लगाया कि राज्य में संसाधनों की लूट सत्ता के संरक्षण में हो रही है।

