Himachal Students Innovation : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित राजकीय Polytechnic College के छात्रों ने एक अनोखी तकनीक विकसित की है, जो बिना पानी, झाग या केमिकल के केवल ध्वनि तरंगों से आग बुझा सकती है। इस तकनीक को “सोनिक वेव फायर एक्सटिंग्विशर” नाम दिया गया है।
Electrical engineering विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों द्वारा तैयार इस मॉडल ने लोगों को हैरान कर दिया है। खास बात यह है कि अब तक इस तरह की तकनीक पर काम केवल कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों तक सीमित था, लेकिन अब भारतीय छात्रों ने भी इस दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
कैसे काम करता है यह यंत्र
छात्रों ने बताया कि इस मशीन में Micro-controller और खास कोड का इस्तेमाल किया गया है। यह एक निश्चित फ्रीक्वेंसी की ध्वनि तरंगें पैदा करता है, जिससे आग के आसपास ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है और आग बुझ जाती है। इसमें किसी तरह के केमिकल या पानी का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है।
ऑटोमैटिक सिस्टम से लैस
इस यंत्र की एक बड़ी खासियत इसका Automatic सिस्टम है। इसमें सेंसर लगे हैं, जो आग का पता लगाकर खुद ही इसे बुझाने का काम करते हैं। छात्रों का कहना है कि भविष्य में इसे जंगलों की आग बुझाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कम लागत, ज्यादा फायदा
इस उपकरण की लागत लगभग 7 से 8 हजार रुपये बताई गई है। इसे बार-बार भरने की जरूरत नहीं होती और यह हल्का होने के कारण कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। खासकर डेटा सेंटर, सर्वर रूम और लैब जैसे स्थानों के लिए यह काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
पेटेंट और आगे की योजना
छात्र अब इस प्रोजेक्ट के पेटेंट और बड़े स्तर पर उत्पादन की तैयारी कर रहे हैं। कॉलेज के शिक्षकों ने भी इस प्रोजेक्ट की सराहना की है और हर संभव मदद देने की बात कही है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस आविष्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई बड़े संस्थान और आईआईटी भी इसमें रुचि दिखा रहे हैं। वन विभाग ने भी इस तकनीक को लेकर दिलचस्पी जताई है।

