म्यूटेशन में रिश्वत मांगने के आरोप में नगड़ी CO पर कार्रवाई, डीसी की सख्त फटकार के बाद शो-कॉज नोटिस जारी

Show-Cause Notice issued To CO: राजधानी रांची में आयोजित जनता दरबार में नगड़ी अंचल के अंचल अधिकारी (CO) पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। राजेश कुमार पर म्यूटेशन के बदले खुलेआम घूस मांगने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए CO, CI और संबंधित कर्मचारी को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला बालालोंग मौजा (Balalong Mouza) की एक जमीन से जुड़ा है, जिसका खाता संख्या 14 और प्लॉट नंबर 470 बताया गया है। जमीन का रकबा करीब 1 एकड़ 5 डिसमिल है। प्रार्थी आनंद सिंह और महेश्वर सिंह ने म्यूटेशन के लिए आवेदन किया था, जिसे सीओ द्वारा खारिज कर दिया गया।

आरोप है कि आवेदन खारिज करने के बाद सीओ ने म्यूटेशन कराने के लिए पहले 30 लाख रुपये की घूस मांगी। इसके बाद आवेदकों ने LRDC कोर्ट में अपील की, जहां उनके पक्ष में फैसला आया। बावजूद इसके, सीओ ने दोबारा म्यूटेशन के लिए करीब 15 लाख रुपये की मांग की।

उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद भी नहीं हुआ काम

मामला आगे बढ़ने पर आवेदकों ने एडिशनल कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई। वहां से भी म्यूटेशन का आदेश दिया गया, लेकिन आरोप है कि इस बार भी सीओ ने करीब 9 लाख रुपये की मांग की। लगातार हो रही मांग से परेशान होकर आवेदक जनता दरबार पहुंचे।

DC ने लगाई फटकार

जनता दरबार में शिकायत सुनने के बाद रांची के DC मंजूनाथ भजंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतों से प्रशासन की छवि खराब होती है। इसके साथ ही पूरे मामले में जवाब तलब करते हुए संबंधित अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया।

सीएनटी-एसपीटी एक्ट की आड़ में विवाद

बताया जा रहा है कि यह जमीन मूल रूप से खतियानी राजपूत परिवार की थी। आवेदकों के पिता ने वर्ष 1996 में यह जमीन बेची थी, जिसे बाद में 2010 में दोबारा खरीद लिया गया। लेकिन म्यूटेशन के दौरान सीओ ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट का हवाला देकर आवेदन खारिज कर दिया।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कानून वर्ष 2012 में लागू हुआ था, जबकि जमीन की खरीद-बिक्री 2010 में हुई थी। ऐसे में इस मामले में एक्ट लागू नहीं होना चाहिए था। इसके बावजूद आरोप है कि सीओ ने जानबूझकर मामला लंबित रखा और घूस की मांग करते रहे।

प्रशासनिक जांच जारी

पूरा मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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