Drinking water crisis: नगर निगम के नवनिर्वाचित Mayor, Deputy Mayor और सभी पार्षदों की पहली बैठक सोमवार को निगम सभागार में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय जल बोर्ड से जुड़ा था, लेकिन इसमें शहर की कई अन्य समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने Ward की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। खासकर गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में पाइपलाइन की व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं जहां पाइपलाइन है, वहां भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है।
Mayor Roshni Khalkho ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल दफ्तर तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लें। उन्होंने कहा कि इंजीनियर और पार्षद मिलकर काम करें, ताकि समस्याओं का जल्द समाधान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बैठक में सभी विभागों से प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पानी के टैंकरों की खराब स्थिति और चापाकलों की मरम्मत में देरी का मुद्दा भी उठाया गया। पार्षदों ने बताया कि कई चापाकल खराब पड़े हैं, जिनकी समय पर मरम्मत नहीं हो रही है, जिससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मांग की कि टैंकरों की मरम्मत जल्द कराई जाए, खराब चापाकलों को ठीक किया जाए और जरूरत वाले इलाकों में नई पाइपलाइन बिछाई जाए। मेयर ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का समाधान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

